मप्रः कृषि मंत्री कंषाना ने भावांतर योजना के लिए केंद्र सरकार का माना आभार

कृषि मंत्री कंषाना ने सोमवार को एक बयान में कहा कि जब मण्डियों एवं बाजारों में किसानों को उनकी फसल का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से ना मिले ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इस वर्ष खरीफ-2025 में सोयाबीन का मण्डी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम है इसलिये किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में भावांतर योजना लागू की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की हानि न हो और उन्हें उपज का वाजिब दाम प्राप्त हो सके।

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन में भावांतर योजनांतर्गत किसानों का पंजीयन 03 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक किया गया है, जिसमें 9 लाख 36 हजार कृषकों ने पंजीयन कराया पंजीकृत किसानों की भूमि का रकबा 22 लाख 64 हजार हेक्टेयर है। भावांतर योजना में 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन का विक्रय निर्धारित है।