नेपाल के सभी विश्वविद्यालयों के परिसरों से हटाये जायेंगे छात्र संगठनों के कार्यालय

काठमांडू, 19 अप्रैल । नेपाल के सभी विश्वविद्यालयों ने अपने परिसरों से छात्र संगठनों के कार्यालय हटाने का निर्णय किया है। साथ ही किसी भी छात्र संगठन को कार्यालय संचालन के लिए कमरा, भवन या जमीन न देने का निर्णय किया है।

नेपाल सरकार ने विश्वविद्यालयों से छात्र संगठनों को हटाने की तैयारी के तहत यह फैसला लिया है कि उन्हें विश्वविद्यालय परिसर से हटाया जाएगा और अब कमरा, भवन या जमीन उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। नेपाल सरकार के शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल की उपस्थिति में रविवार को सभी विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों ने इस निर्णय पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री पोखरेल ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष सहित सभी विश्वविद्यालय के उपकुलपतियों के निर्णय में कहा गया है कि विश्वविद्यालय अब छात्र संगठनों को कार्यालय स्थापना के लिए उपलब्ध कराए जा रहे कमरा, भवन या जमीन प्रदान नहीं करेंगे। इसके अलावा, विश्वविद्यालय परिसर के भीतर छात्र संगठनों के बैनर, झंडे, दीवार लेखन आदि जैसे भौतिक संकेतों को तुरंत हटाने का भी निर्णय लिया गया है।

यदि विश्वविद्यालय के कानून में दलगत छात्र संगठनों के संबंध में कोई कानूनी प्रावधान मौजूद है, तो उन्हें निरस्त करने के लिए तीन स्तर का प्रस्ताव तैयार कर तत्काल आयोग के माध्यम से शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र छात्र संघ मौजूद है और आवश्यक संशोधन कर स्टूडेंट काउंसिल/वॉयस ऑफ स्टूडेंट जैसे छात्र हितों के लिए काम करने वाले वैकल्पिक तंत्र के विकास और स्थापना का निर्णय लिया गया है।

दलगत छात्र संगठनों को हटाने के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती उत्पन्न होने पर इसकी जानकारी तुरंत सुरक्षा निकायों को देने का भी निर्णय लिया गया है। निर्णय में कहा गया है कि यदि विश्वविद्यालय परिसर में अस्थायी या स्थायी सुरक्षा इकाई की आवश्यकता महसूस होती है, तो शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माध्यम से गृह मंत्रालय से अनुरोध किया जाएगा।

नेपाल के मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत प्रशासनिक सुधार संबंधी कार्यसूची के बिंदु 86 के अनुसार विश्वविद्यालय परिसरों से दलगत छात्र संगठनों की संरचनाओं को 60 दिनों के भीतर हटाकर 90 दिनों के भीतर स्टूडेंट काउंसिल/वॉयस ऑफ स्टूडेंट जैसे तंत्र का विकास करने का प्रावधान है।