हनुमंत कथा का शुभारंभ करने प्रयागराज पहुंचे पंडित धीरेंद्र शास्त्री, बाेले-धर्म को व्यापार से दूर रखें

प्रयागराज, 21 अप्रैल । संगम नगरी प्रयागराज के अरैल घाट पर तीन दिवसीय राष्ट्र हनुमंत कथा का शुभारंभ करने से पूर्व मंगलवार को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि धर्म को व्यापार से जोड़ना उचित नहीं है, इससे देश की सामाजिक परिस्थितियां बिगड़ सकती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि आस्था और धार्मिक विषयों को मर्यादा के साथ देखा जाए।

ज्ञानवापी प्रकरण पर उन्होंने कहा कि उन्हें भारत की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और न्यायालय का निर्णय हिंदुओं के पक्ष में आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वहां रुद्राभिषेक होगा और भव्य मंदिर का निर्माण होगा, जैसे अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बना है। जिहाद और लव जिहाद के मुद्दे पर पूछे गए सवालों के जवाब में शास्त्री ने कहा कि कानून का पालन सभी को करना चाहिए और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि वहां इस प्रकार के मामलों में कड़ी कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने बताया कि कुंभ के बाद उन्हें दूसरी बार संगम नगरी आने का अवसर मिला है। प्रयागराज के उदय प्रताप सिंह के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने उन्हें परम वैष्णव बताया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि शाम 4 बजे से तीन दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन होगा और 23 अप्रैल को दरबार लगाया जाएगा।

शास्त्री ने प्रयागराज एवं आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करें।