संत परंपरा से मजबूत हुई राष्ट्र की एकता और अखंडता: महंत नवलकिशोर दास

हरिद्वार, 19 अप्रैल । भारतमाता पुरम स्थित श्री हनुमंत धाम के परमाध्यक्ष महंत नवलकिशोर दास महाराज ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाए रखने में संत-महापुरुषों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

रविवार को आश्रम के वार्षिक समारोह में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संत परंपरा सनातन धर्म की संवाहक है और परमार्थ के लिए जीवन समर्पित करने वाले संतों ने समाज को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करते हुए सांस्कृतिक रूप से एकजुट किया है। इससे राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि श्री हनुमंत धाम सेवा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है, जहां संतों और श्रद्धालुओं के सहयोग से सेवा परंपरा का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

इस अवसर पर महंत दुर्गादास, महंत रघुवीर दास, महंत सूरज दास, महंत बिहारी शरण, महंत राम दास, महंत परमेश्वर दास, महंत गणेश दास, महंत प्रहलाद दास, महंत रामानंद सरस्वती सहित सभी तेरह अखाड़ों के संत-महापुरुष और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।