शिमला, 05 मई । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हिमाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल कवींद्र गुप्ता से मुलाकात कर उन्हें पदभार संभालने पर शुभकामनाएं दीं और प्रदेश की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। परिषद ने राज्य में नशे की बढ़ती समस्या, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए इन मुद्दों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में अभाविप के कई पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें विशेष आमंत्रित सदस्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, प्रदेश मंत्री नैंसी अटल, प्रदेश संगठन मंत्री धनदेव ठाकुर, प्रदेश सह मंत्री भवानी ठाकुर और आरटीई प्रदेश संयोजक अमन अदिति शामिल थे। परिषद ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीजीटी के अस्थायी पदों पर की गई नियुक्तियों को रद्द किया जाए और नियमित प्रक्रिया के तहत स्थायी भर्ती की जाए, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
अभाविप ने नशे के बढ़ते मामलों पर भी गंभीर चिंता जताई और कहा कि चिट्टा जैसे मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी रोक लगाई जानी चाहिए। परिषद ने मांग की कि नशा माफिया के खिलाफ सख्त कानून लागू किए जाएं, इसमें शामिल सरकारी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और नशा रोकथाम बोर्ड को मजबूत किया जाए।
शिक्षा के क्षेत्र में परिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में पूरी तरह लागू करने की मांग की। साथ ही कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के खाली पदों को जल्द भरने और नियुक्तियां स्थायी आधार पर करने की बात कही।
इसके अलावा अभाविप ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। परिषद का कहना है कि हत्या, दुष्कर्म, चोरी, सड़क अपराध, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध तथा साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने, जांच और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की जरूरत है।
अभाविप ने राज्य सरकार से इन सभी मुद्दों पर जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं को नजरअंदाज किया गया तो वह प्रदेशभर में जन-आंदोलन शुरू करेगी।