आगरा में स्मार्ट मीटर का विरोध हुआ गहरा,समाजवादी पार्टी और बीकेयू की आज जनाक्रोश रैली

आगरा , 04 मई । उत्तर प्रदेश के आगरा में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। विगत दिनों आगरा में ग्रामीणों द्वारा स्मार्ट मीटरों को उखाड़ कर फेंक दिया गये थे। स्मार्ट मीटरों के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा आज सोमवार को जन आक्रोश रैली तथा 11 मई को एक विरोध रैली को बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत द्वारा रैली किये जाने के कार्यक्रम तय किये गए हैं।

पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटरों के विरोध में उपभोक्ताओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। आगरा में भी स्मार्ट मीटरों का विरोध शुरू हो गया है। हालांकि शहरी क्षेत्र में टोरेंट पावर की विद्युत सप्लाई है जहां अभी तक पोस्टपेड मीटर लगे हुए हैं। लेकिन शहरी क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) द्वारा नए कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध मुखर हो गया है। स्थानीय उपभोक्ताओं द्वारा विगत में लगाए गए मीटरों को हटाए जाने की भी मांग की जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अप्रैल माह में सरकार ने फरमान जारी किया था कि नए कनेक्शन पर जो भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे वह प्रीपेड मोड में होंगे या पोस्टपेड मोड में होंगे, यह उपभोक्ता पर निर्भर करेगा। लेकिन इस फरमान का आगरा में कोई असर नहीं है। नए कनेक्शन पर जो मीटर लगाए जा रहे हैं वह सभी प्रीपेड है ।

स्थानीय स्तर पर भारतीय किसान यूनियन का तथा किसान संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी ने भी स्मार्ट मीटर के विरोध में सोमवार को आगरा में धौलपुर हाउस एमजी रोड से कलेक्ट तक एक जन आक्रोश रैली निकाले जाने का आह्वान किया है जिसका नेतृत्व सपा के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन करेंगे।

भारतीय किसान यूनियन द्वारा भी थाना क्षेत्र कागा रोल के कस्बा अकोला में चरण सिंह महाविद्यालय परिसर में एक विरोध रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानों और उपभोक्ताओं को संबोधित करेंगे। विगत दिनों कागर रोल के कस्बा अकोला में ग्रामीणों द्वारा अपने घरों से बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उखाड़ कर विद्युत उपकेंद्र अकोला पर फेके जाने के बाद बीएनएस, विद्युत अधिनियम, प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी की धाराओं में 16 नामजद एवं 500- 600 अज्ञात के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किए जाने पर भी स्थानीय ग्रामीणों में रोष है। इन कार्यक्रमों में अभियोग वापस लिए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल रहेगी।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिला अध्यक्ष राजवीर लवानिया ने बताया कि

नये स्मार्ट मीटर व्यवस्था से स्थानीय ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क एवं तकनीकी खामियों के कारण मीटर सही कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो चुका है। हमारी मांग है कि प्रदेश में लगाये जा रहे स्मार्ट मीटरों की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोके जाने, जिन स्थानों पर स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं, उन्हें हटाकर पूर्व की भांति प्रीपेड मीटर व्यवस्था पुनः लागू किये जाने, स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाने की व्यवस्था की जाए। किसानों के खिलाफ मुकदमा वापस लिया जाय।इसी को लेकर सोमवार से अकोला में अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ किया जाएगा।

डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता कपिल सिंह सिंधसानी ने बताया कि हमको जिस तरह का आदेश मिलता है, हम वही काम करते हैं। फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, नया आदेश मिलते ही तदनुसार कार्रवाई की जाएगी।