औरैया, 25 मई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश में चंबल अंचल के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के रणबांकुरों की कीर्ति रक्षा और उन्हें इतिहास में सम्मानजनक स्थान दिलाने के उद्देश्य से चल रहा “चंबल मिशन” अभियान लगातार जनसमर्थन जुटा रहा है। सोमवार को यह अभियान औरैया जनपद के हजारीपुर, गिरधारीपुर, रसूलपुर, प्रतापपुर और हजरतपुर आदि गांवों में पहुंचा, जहां 1857 के क्रांतिवीरों की स्मृति में जनचौपाल आयोजित की गई। जनचौपालों में ग्रामीणों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और “1857 के क्रांतिवीरों को न्याय दो” की मांग का समर्थन किया।
अभियान के दौरान जीता चमार, जंगली-मंगली मेहतर और मारून सिंह लोधी जैसे उपेक्षित क्रांतिनायकों के संघर्ष और बलिदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हजारों वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अपने प्राण न्यौछावर किए, लेकिन अंग्रेजों ने उन्हें “बागी” और “क्रिमिनल” घोषित कर इतिहास के पन्नों में दबा दिया। आज भी चंबल क्षेत्र को केवल “डकैत क्षेत्र” के रूप में पहचान मिलना इन शहीदों का अपमान है।
चंबल फाउंडेशन परिवार द्वारा संचालित इस अभियान के तहत गांव-गांव जाकर जनचौपालों के माध्यम से लोगों को चंबल अंचल की गौरवशाली विरासत और स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान से परिचित कराया जा रहा है। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब चंबल अपना इतिहास खुद लिखेगा और गुमनाम क्रांतिवीरों को उनका उचित सम्मान दिलाकर रहेगा।
चंबल-यमुना दोआब क्षेत्र में 31 मई को प्रातः 10 बजे चकरनगर की राजगढ़ी में “चंबल शौर्य दिवस” का ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान चंबल मिशन की आगामी रणनीति और आंदोलन की दिशा भी तय की जाएगी।
अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि 31 मई 1857 को चकरनगर रियासत के राजा कुशलपाल सिंह चौहान और कुंवर निरंजन सिंह चौहान ने दोआब क्षेत्र को स्वतंत्र घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। इसके बाद पूरा चंबल अंचल जनक्रांति में बदल गया और अंग्रेजी सत्ता को बीहड़ों के हर मोर्चे पर कड़ी चुनौती मिली।
अभियान के अंतर्गत चौरेला, हुकुमपुरा, बेनीपुरा, बंसरी, रौरा का पुरा, लुहिया खुर्द, बहादुरपुर लोहिया, शेरगढ़, पिपरौली गढ़िया, कचौरा घाट, खितौरा सहित कई गांवों में जनसंपर्क और जनचौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों और युवाओं का उत्साह देखने को मिल रहा है।