कामेश्वर पांडे की हत्याकांड में गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव दोषी करार

रामगढ़, 07 मई । जिले के श्रीवास्तव गिरोह की ओर से पतरातू के कामेश्वर पांडे (70) की हत्या मामले की सुनवाई अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पुलिस की रिपोर्ट और कई गवाह पेश हुए। सभी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर एडीजे-1 ने गुरुवार को इस कांड के मुख्य आरोपित रहे सुशील श्रीवास्तव के बेटे अमन श्रीवास्तव को दोषी कर दिया। इसके अलावा अमन श्रीवास्तव को इस कांड में सहयोग करने वाले लखन साव को भी अदालत ने दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर 15 मई को अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

उल्लेखनीय है कि कामेश्वर पांडेय की हत्या तब कर दी गई थी जब वे पतरातू में लगे सब्जी बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान श्रीवास्तव गिरोह के शूटर ने उन पर ताबड़तोड़ गोली चलाई थी। इस मामले में पवन किशोर पांडे ने मामला दर्ज कराया था।

अमन श्रीवास्तव वर्तमान में रांची के होटवार जेल में बंद है। उसने क्षेत्र में दहशत फैलाने और वर्चस्व कायम करने के लिए एक ऐसे वृद्ध व्यक्ति की हत्या करवाई थी, जिसका किसी भी आपराधिक मामलों से कोई संबंध नहीं था। पवन किशोर पांडे ने कामेश्वर पांडे की हत्या के मामले में तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया था।

इसमें गणेश सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह, लखन साव और अमन श्रीवास्तव अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से गणेश सिंह उर्फ जय प्रकाश सिंह के खिलाफ कोई साक्ष्य और कोई गवाह प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले में अदालत ने गणेश सिंह को दोष मुक्त करार दिया। साथ ही मामले में लखन साव और अमन श्रीवास्तव को दोषी करार दिया। अदालत में एपीपी श्रद्धा जया टोपनो ने सरकार की तरफ से अपना पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता बीएन त्रिपाठी और रामगढ़ के अधिवक्ता महेंद्र महतो ने बहस की।