लेबनान के खिलाफ इतिहास रचने उतरेगी भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम

सूज़ोउ, (चीन), 07 मई । भारत 8 मई को भारतीय समयानुसार 13:00 बजे चीन में सूज़ोउ ताइहू फुटबॉल स्पोर्ट्स सेंटर पिच 8 पर अपने अंतिम ग्रुप बी मुकाबले में लेबनान से भिड़ेगा। इस मुकाबले में जीत भारत को टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहली बार ऐतिहासिक जगह दिला सकती है।

भारत के पास एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का एक अंतिम मौका है। गोलकीपर मुन्नी ने गुरुवार को पिच 6 पर हुए ट्रेनिंग सत्र के बाद कहा, “कल हमारा ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच है और अगर हम जीतते हैं तो हम क्वालिफाई कर जाएंगे। ट्रेनिंग के बाद हमारी भावना अच्छी है। हमें विश्वास है कि हम यह मैच जीत सकते हैं, इसलिए हमें पूरी तरह फोकस रहना होगा।”

ऑस्ट्रेलिया (0-2) और जापान (0-3) के खिलाफ हार के बावजूद यंग टाइग्रेस अब भी नॉकआउट की दौड़ में बनी हुई हैं, जहां वे दो सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल हो सकती हैं। भारत का गोल अंतर फिलहाल -5 है, जो ग्रुप सी की फिलीपींस (-13) और चीनी ताइपे (-14) से बेहतर है, जो अंतिम मैचडे पर आमने-सामने होंगे। ऐसे में, यदि भारत लेबनान को हराता है, तो इन टीमों को भारत से आगे निकलने के लिए बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।

इसके अलावा यदि गुरुवार शाम ग्रुप ए में वियतनाम और म्यांमार के बीच मुकाबला ड्रॉ रहता है या म्यांमार तीन गोल से कम अंतर से जीतता है, तो भारत की जीत के साथ ही क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की हो जाएगी, चाहे ग्रुप सी का परिणाम कुछ भी हो। भारत के लिए 21 साल बाद खेले जा रहे अपने पहले एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप में ग्रुप चरण से आगे बढ़ना एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।

मुन्नी ने कहा, “हमें भारत के लिए खेलना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। पिछली दोनों टीमें बहुत मजबूत थीं, लेकिन लेबनान हमारे स्तर के करीब है। हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन हमें विश्वास है कि हम उन्हें हरा सकते हैं। उनके स्ट्राइकर अच्छे हैं, इसलिए हमें सतर्क रहना होगा। हमें अनुशासन के साथ आक्रमण करना है और हमें विश्वास है कि हम गोल कर सकते हैं।”

राजस्थान की 16 वर्षीय गोलकीपर मुन्नी जापान के खिलाफ भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में से एक रहीं, खासकर शुरुआती चरण में जब भारत ने लगभग एक घंटे तक मजबूती से डिफेंड किया।

मुख्य कोच पामेला कॉन्टी को उम्मीद है कि लेबनान के खिलाफ मुकाबला पिछले दो मैचों से अलग होगा। उनके अनुसार, दोनों टीमों को जीत की जरूरत होने के कारण इस मैच में आक्रमण अधिक महत्वपूर्ण होगा। टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही लेबनान टीम ने पहले मैच में जापान से 0-13 की हार झेली, लेकिन दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ कर सभी को चौंका दिया।

कॉन्टी ने कहा, “मैंने लेबनान और ऑस्ट्रेलिया का मैच देखा, जो 1-1 से समाप्त हुआ। वे हमारे स्तर की टीम हैं, लेकिन उनके पास अच्छे आक्रामक खिलाड़ी हैं। हमें सतर्क रहना होगा और ज्यादा खुलकर नहीं खेलना चाहिए, क्योंकि वे काउंटर अटैक पर हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह एक बहुत समझदारी भरा मैच होगा और हमें याद रखना होगा कि यह 90 मिनट का खेल है—जहां सब कुछ दांव पर है।”

बुधवार को भारतीय टीम ने जिम और स्विमिंग पूल में रिकवरी सत्र किए, जबकि गुरुवार को 90 मिनट का आधिकारिक ट्रेनिंग सत्र हुआ, जिसमें टैक्टिकल और सेट-पीस अभ्यास के साथ छोटे खेल शामिल थे।

टीम इस मुकाबले के महत्व से भली-भांति परिचित है। दो दशक से अधिक समय बाद एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप में लौट रही इस पीढ़ी के लिए क्वार्टर फाइनल में पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि होगी। इस साल सीनियर और अंडर-20 टीम भले ही अपने-अपने टूर्नामेंट में अंतिम आठ में नहीं पहुंच सकीं, लेकिन अंडर-17 टीम के पास यह सुनहरा मौका है।

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