खूंटी, 01 जून । जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषकर रनिया, मुरहू, कर्रा, तोरपा और अड़की प्रखंड के कई गांवों में लोग हर रात भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को विवश हैं। ताजा मामला रनिया प्रखंड के खटखुरा पंचायत अंतर्गत नरसिंह गांव का है, जहां रविवार रात दो जंगली हाथियों ने एक घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम से ही ग्रामीणों को गांव के समीप जंगल में दो जंगली हाथियों के विचरण की सूचना मिल गई थी। इसके बाद वार्ड सदस्य ममता केरकेट्टा और उनके पति नरेश केरकेट्टा के नेतृत्व में ग्रामीण गांव की सुरक्षा के लिए पहरा दे रहे थे। देर रात में हाथी गांव की ओर बढ़ने लगे। अंधेरा गहराने और हाथियों की चिंघाड़ से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। स्थिति बिगड़ती देख लोग अपने-अपने घरों की ओर भागे।
इसी दौरान दोनों हाथी वार्ड सदस्य ममता केरकेट्टा के घर के पास पहुंच गए और घर को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। घर के भीतर बच्चे, परिजन और मेहमान सहित सात लोग सो रहे थे। ममता केरकेट्टा और नरेश केरकेट्टा ने जान जोखिम में डालकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। परिवार के बाहर निकलते ही हाथियों ने घर की दीवारें तोड़ दीं और देखते ही देखते पूरा मकान धराशायी हो गया।
ग्रामीणों ने रातभर मशाल और शोर-शराबे के सहारे हाथियों को गांव से खदेड़ने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर लौटे, लेकिन तब तक वार्ड सदस्य का आशियाना पूरी तरह उजड़ चुका था। वर्तमान में उनका परिवार दूसरे लोगों के घरों में शरण लेने को विवश है।
सोमवार सुबह ध्वस्त घर को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि हाथियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और हर रात अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या केवल नरसिंह गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि खूंटी जिले के कई गांव वर्षों से हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं। फसल, मकान और जान-माल के नुकसान की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से हाथियों के बढ़ते आतंक पर प्रभावी और दीर्घकालिक उपाय करने की मांग की है, ताकि लोगों को भयमुक्त जीवन मिल सके।