हरिद्वार, 02 जून । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को विवेक विहार के शिव मंदिर परिसर में “हरित योग कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जनजागरूकता उत्पन्न करना था।
अपर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ स्वास्तिक सुरेश की अध्यक्षता तथा डॉ. सौरमी सोनकर के निर्देशन में संपन्न हुए कार्यक्रम में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायक निशा भट्ट, योग अनुदेशक अदिति एवं दीपक द्वारा स्थानीय नागरिकों, महिलाओं एवं युवाओं को योगाभ्यास कराया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि योगाभ्यास के साथ-साथ आंवला सहित विभिन्न फलदार एवं पर्यावरण हितैषी वृक्षों का रोपण भी किया गया। प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वायु तथा स्वस्थ भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मुख्य अतिथि के रूप में सुशीला घिल्डियाल (भारतीय योग संस्थान) ने योग एवं पर्यावरण संरक्षण के इस समन्वित प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ, संतुलित जीवन का आधार है। योग और पर्यावरण संरक्षण का संबंध अत्यंत गहरा है। हरित योग कार्यक्रम इसी समन्वित सोच को समाज तक पहुंचाने का एक प्रयास है।
मुख्य कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला में हरित योग कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संवर्धन के साथ-साथ वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।डॉ. सौरमी ने कहा कि योग और प्रकृति दोनों मानव जीवन को संतुलित एवं समृद्ध बनाते हैं। डॉ. विकास दुबे ने कहा कि “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” की अवधारणा को साकार करने के लिए योग और पर्यावरण संरक्षण दोनों को जनआंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है।