केंद्र सरकार ने दिल्ली की 28 आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के लिए 1,647 करोड़ किए स्वीकृत

नई दिल्ली, 12 जुलाई । केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत दिल्ली सरकार की 28 महत्वपूर्ण पूंजीगत परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,647 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार द्वारा अपने संसाधनों से पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) बढ़ाने के प्रयासों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी स्वीकृत किया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की तरफ से रविवार को जारी की गई जानकारी के मुताबिक एसएएससीआई योजना के तहत जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उनमें दिल्ली मेट्रो से जुड़ी परियोजनाएं, एलिवेटेड बारापुला कॉरिडोर, करावल नगर फ्लाईओवर, डीटीसी डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग स्टेशन और सड़कों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से परिवहन और सड़क अवसंरचना को मजबूती मिलेगी और सार्वजनिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएएससीआई केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों में रणनीतिक सुधारों को बढ़ावा देने और पूंजीगत निवेश बढ़ाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी प्रदान करती है। यही कारण है कि यह योजना राज्यों में आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरू से ही इस योजना को प्राथमिकता दी और केंद्र सरकार से लगातार आग्रह किया कि दिल्ली की आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को भी एसएएससीआई योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की जाए। इनके परिणामस्वरूप 9 जुलाई को दिल्ली सरकार की सभी 28 परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई। यह स्वीकृति इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार को दिल्ली सरकार की सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता, वित्तीय अनुशासन और विकास परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता पर पूरा विश्वास है। वहीं, दिल्ली द्वारा अपने स्वयं के संसाधनों से पूंजीगत निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि करने के कारण केंद्र सरकार ने 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किया है, जो दिल्ली सरकार के विकासोन्मुखी प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।