कोरबा में समय-सीमा बैठक: हाथी प्रभावितों को समय पर मुआवजा देने के निर्देश

कोरबा, 14 जुलाई (हि. स.)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

बैठक में उन्होंने हाथी जनित घटनाओं के पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराने, आरबीसी 6-4 के मामलों का शीघ्र निराकरण, किसानों को खाद एवं ऋण वितरण में तेजी लाने, एग्रिस्टेक पोर्टल पर पंजीयन बढ़ाने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

बैठक में कलेक्टर ने जिले में खाद के भंडारण और वितरण की समीक्षा करते हुए उप पंजीयक, सहकारिता को किसानों तक समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नोडल सहकारी बैंक और सहकारिता विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराने तथा ऋण वितरण में प्रगति लाने को कहा।

कलेक्टर ने हाथी जनित घटनाओं में मृत्यु और फसल क्षति से प्रभावित लोगों को वन विभाग द्वारा मुआवजा भुगतान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही सर्पदंश, पानी में डूबने, आकाशीय बिजली और अन्य दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों के मामलों में राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत मिलने वाली सहायता राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग को अंतिम जांच प्रतिवेदन जल्द उपलब्ध कराने तथा सभी एसडीएम को ऐसे प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने शासन के निर्देशानुसार सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-एचआरएमएस के माध्यम से कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका का डिजिटलीकरण, ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन और मानव संसाधन से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों को संविदा एवं अनुबंधित कर्मचारियों की जानकारी भी आई-गॉट पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही विभागों को लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर स्मार्ट मीटर स्थापना एवं प्रीपेड रिचार्ज सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर ने सभी विभागों से अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में मानदेय आधारित शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित मापदंडों और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, नगरीय निकायों सहित संबंधित विभागों को शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। वहीं बैंकों द्वारा ऋण वितरण और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर लीड बैंक मैनेजर को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।

राजस्व एवं कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एग्रिस्टेक पोर्टल पर किसानों का पंजीयन बढ़ाने, फौती नामांतरण के लंबित मामलों का 15 दिनों के भीतर निराकरण करने तथा बकेट क्लेम के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग को किसानों के पंजीयन में तेजी लाने, नगरीय निकायों को आधार सत्यापन अभियान तेज करने, शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने, महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण कराने तथा आदिवासी विकास विभाग को पीएम जनमन योजना में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), पीजी पोर्टल, मुख्यमंत्री जनदर्शन तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी मामलों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने माय भारत पोर्टल के माध्यम से केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने तथा इसके लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहायक कलेक्टर तरुण कुमार किरण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।