बोकारो में 04 नए हाथी कॉरिडोर किए गए चिन्हित

बोकारो, 30 जुलाई । जिले में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को देखते हुए वन विभाग ने चार हाथी कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई है। वर्ष 2025-26 में हाथी हमलों की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष जनवरी-फरवरी में महुआटांड थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कई लोगों की हाथियों के हमले में मौत हो चुकी है।

वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार के अनुसार, स्ट्रेटेजी एंड एक्शन प्लान फॉर कंजर्वेशन ऑफ कॉरिडोर के तहत जिले के पुन्नू-लुगुबुरू, पुन्नू-हिसिम-भस्की, जागेश्वर-गोस-पेंक और डुमरी-नावाडीह-चतरोचट्टी को हाथी कॉरिडोर के रूप में चिन्हित किया गया है।

इन सभी कॉरिडोर को हाई प्रायोरिटी श्रेणी में रखा गया है और प्रत्येक की चौड़ाई लगभग तीन किलोमीटर होगी।

कॉरिडोर में हाथियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा। बांस के साथ-साथ कटहल, आम, जामुन सहित लगभग 90 प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे और जल संरक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। आवश्यकता अनुसार कुछ क्षेत्रों की घेराबंदी कर मानव हस्तक्षेप को सीमित किया जाएगा।

इस परियोजना के लिए निजी एजेंसी की ओर से विस्तृत सर्वे कराया गया है।

भारतीय वन्यजीव संस्थान, सैटेलाइट इमेजरी और इसरो के भुवन पोर्टल के डेटा की मदद से कॉरिडोर की पहचान की गई है। प्रत्येक कॉरिडोर को अलग यूनिक स्टेट आईडी भी दी जाएगी।

चारों कॉरिडोर को तीन जोन में विकसित किया जाएगा। पहले जोन में व्यापक वन प्रबंधन कार्य होंगे, दूसरे जोन में नियमित निगरानी रखी जाएगी, जबकि बाहरी जोन में न्यूनतम हस्तक्षेप रहेगा।

उल्लेखनीय है कि जून 2026 में करीब 30 हाथियों का झुंड गोपो, पालू, बड़की पुन्नू और कुसुमडीह क्षेत्र में देखा गया था। वर्ष 2023 की भारत के हाथी कॉरिडोर रिपोर्ट में बोकारो का कोई कॉरिडोर शामिल नहीं था, जबकि जिले में वर्षों से हाथियों का नियमित विचरण होता रहा है।