अजमेर, 31 जुलाई । औषधि नियंत्रण विभाग ने दवा नियमों के उल्लंघन और नशे में दुरुपयोग होने वाले इंजेक्शन की अनियमित बिक्री के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के चार मेडिकल स्टोरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। कार्रवाई के तहत एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त किया गया है, जबकि तीन अन्य मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस अलग-अलग अवधि के लिए निलंबित किए गए हैं।
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी, अजमेर मनीष कुमार ने बताया कि रेंडम निरीक्षण के दौरान अंदरकोट स्थित ख्वाजा मेडिकल एंड जनरल स्टोर में शेड्यूल एच-1 दवाओं का अनिवार्य रजिस्टर नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि फेनिरामिन मैलिएट इंजेक्शन बिना चिकित्सकीय पर्ची और बिना वैध बिल के बेचे जा रहे थे। विभाग के अनुसार इस इंजेक्शन के नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका रहती है।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान स्टोर संचालकों द्वारा प्रस्तुत बिल फर्जी पाए गए। एक मई के बाद की बिक्री के बिल भी उपलब्ध नहीं कराए गए तथा निरीक्षण के समय फार्मासिस्ट भी अनुपस्थित मिला। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते मेडिकल स्टोर का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया।
मनीष कुमार ने बताया कि किशनगढ़ स्थित एडीएस मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान बिल बुक और शेड्यूल एच-1 रजिस्टर नहीं मिला। इस पर विभाग ने स्टोर का लाइसेंस 17 से 19 अगस्त तक निलंबित कर दिया। इसी प्रकार खानपुरा स्थित देशवाली मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। शेड्यूल एच-1 सहित अन्य दवाओं के बिल सेल्स पर्सन के हस्ताक्षर से जारी किए जा रहे थे तथा निरीक्षण के समय बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर स्टोर का लाइसेंस 7 से 13 सितंबर तक निलंबित किया गया।
उन्होंने बताया कि किशनगढ़ के राजश्री मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। वहां शेड्यूल एच-1 रजिस्टर संधारित नहीं था तथा सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित नहीं पाए गए। विभाग ने इस मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी 7 से 13 सितंबर तक निलंबित कर दिया।
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि बिना चिकित्सकीय पर्ची दवाओं की बिक्री और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए औषधि नियंत्रण विभाग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।