राजस्थान में मानसून की रफ्तार सुस्त, 21 जुलाई से फिर सक्रिय होने के आसार

जयपुर, 18 जुलाई । राजस्थान में मानसून की रफ्तार अभी भी थमी हुई है। प्रदेश में शनिवार को केवल 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। कमजोर मानसून के कारण राज्य में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई से मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। इस दिन प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी तथा मध्य राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं 23 से 26 जुलाई के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं।

शनिवार को बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बारां और झालावाड़ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटे में डूंगरपुर, कोटा और अलवर में सबसे अधिक वर्षा हुई। डूंगरपुर में 12.5 मिमी और कोटा में 16.6 मिमी बारिश हुई, जबकि अलवर में देर शाम तेज बारिश का दौर चला।

मानसून की सुस्ती के बीच प्रदेश में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। श्रीगंगानगर सहित चार जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर मापा गया। श्रीगंगानगर सबसे गर्म रहा, जहां पारा करीब 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके अलावा चूरू में 41.1 डिग्री और बीकानेर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों तक कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, लेकिन 21 जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का दौर तेज होने की उम्मीद है।