सम्मान और न्याय के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं से जुड़े प्रत्येक मामले का
प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और आयोग को वास्तविक स्थिति
से अवगत कराया जाए।
दौरे के दौरान मीना परमार ने शुक्रवार काे केंद्रीय कारागार-2,
नागरिक अस्पताल, महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं
का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी
व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से शिकायत निवारण प्रणाली, काउंसलिंग, चिकित्सा
सहायता, कानूनी सेवाओं और अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों
को निर्देश दिए कि जहां भी व्यवस्थाओं में कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला सुधार ही
आयोग की प्राथमिकता है।
वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी
बर्दाश्त
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर
हिंसा और उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण सहारा है। ऐसे में यहां
स्वच्छता, सुरक्षा, काउंसलिंग, कानूनी सहायता और अन्य बुनियादी सुविधाओं में किसी भी
प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी केस रजिस्टर
और डिजिटल रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं तथा जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं
की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
पीड़ित महिलाओं और बच्चों से की सीधी बातचीत
मीना परमार ने निरीक्षण के दौरान पीड़ित एवं शोषित
महिलाओं और बच्चों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित
अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते
हुए पीड़ितों को समय पर न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि महिला
आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक
पीड़ित महिला को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले। इसके लिए सभी विभागों को बेहतर
समन्वय के साथ काम करना होगा। दौरे के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी
भी उपस्थित रहे।