सीहोर, 19 अगस्त । सावन मास के अंतिम चरण में मध्य प्रदेश के सीहोर से प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक आस्था का रंग और गहरा होता जा रहा है। सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में आगामी 25 अगस्त को प्रदोष के अवसर पर सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। करीब 11 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कांवड़ यात्रा को लेकर सीवन नदी तट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक विशेष धार्मिक वातावरण बना हुआ है। नदी तट पर कांवड़, पूजन सामग्री और अन्य धार्मिक वस्तुओं की दुकानें सजी हुई हैं। 25 अगस्त की यात्रा की तारीख नजदीक आने के साथ कांवड़ यात्रियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
100 से अधिक सेवा केंद्र होंगे स्थापित
कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर विठलेश सेवा समिति और प्रशासन ने व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर 100 से अधिक सेवा केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर पेयजल, चाय-नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी, भोजन-प्रसादी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
इसके अलावा श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पार्किंग, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजकों और प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
कई राज्यों से पहुंच रहे कांवड़ यात्री
कुबेरेश्वरधाम में इन दिनों महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बुधवार को कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने धाम पहुंचकर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया।
पंडित राघव मिश्रा ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। शिव महापुराण का श्रवण मनुष्य के भीतर विवेक जागृत करता है और उसे सही-गलत का बोध कराता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान और भगवान शिव की भक्ति मनुष्य को जीवन में सही दिशा प्रदान करती है।
सुबह 9 बजे सीवन तट से रवाना होगी यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि 25 अगस्त को सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से कांवड़ यात्रा शुरू होगी। यात्रा करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय कर कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में तैनात रहेंगे। समिति और प्रशासन की ओर से पार्किंग, यातायात, चिकित्सा, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा को लेकर सीहोर शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। 25 अगस्त को होने वाली यात्रा के दौरान मार्ग में हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजने की उम्मीद है।