सीबीआई ने रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को 15 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

नई दिल्ली, 16 अगस्त । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में रविवार को विजयवाड़ा में तैनात रेलवे के मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता कार्यालय (सीएसटीई) परियोजना के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने वरिष्ठ अनुभाग अभियंता, निजी कंपनियों के चार प्रतिनिधियों तथा अज्ञात लोक सेवकों एवं निजी व्यक्तियों के खिलाफ रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

सीबीआई के अनुसार, दक्षिण मध्य रेलवे ने दो निजी कंपनियों के संयुक्त उद्यम को 179.50 करोड़ रुपये का स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग कार्य आवंटित किया था। एजेंसी को जानकारी मिली थी कि संयुक्त उद्यम ने निर्धारित समय से पहले काम पूरा करने के एवज में करीब सात करोड़ रुपये के बोनस का दावा किया था। आरोप है कि विजयवाड़ा स्थित सीएसटीई परियोजना के अधिकारियों ने संयुक्त उद्यम को अनुचित लाभ पहुंचाने और बोनस दावे की मंजूरी में मदद करने के लिए बोनस फाइल से संबंधित तारीखों में हेरफेर किया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक ने आरोपित वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को बताया था कि 16 अगस्त को उनका पुत्र विशाखापत्तनम से विजयवाड़ा जाते समय रिश्वत की रकम पहुंचाएगा। सूचना के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को एक निजी व्यक्ति से 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई।

सीबीआई ने बताया कि यह रिश्वत कंपनी के पक्ष में बोनस राशि को मंजूरी दिलाने और उसे जारी कराने के बदले दी जा रही थी।

एजेंसी के अनुसार, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पीठापुरम और हैदराबाद स्थित आरोपितों के परिसरों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार वरिष्ठ अनुभाग अभियंता और निजी व्यक्ति को 17 अगस्त को विजयवाड़ा स्थित सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

मामले में आगे की जांच जारी है।

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