दमोह, 28 अगस्त । मध्य प्रदेश के दमोह में शुक्रवार को जिला जेल में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रक्षाबंधन पर्व के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बाहर से भी बहनें अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उनकी कलाई पर राखी बांधी।
जेल परिसर में सुबह से ही पर्व को लेकर चहल-पहल रही। मुलाकात के लिए पहुंचीं बहनों को निर्धारित प्रक्रिया के बाद अपने भाइयों से मिलने का अवसर दिया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर राखी बांधी और मिठाई खिलाई। इस दौरान कई मौके ऐसे भी आए, जब लंबे समय बाद भाई-बहन के आमने-सामने होने से माहौल भावुक हो गया।
जेल में रक्षाबंधन को लेकर प्रशासन की ओर से इस बार मौसम का भी ध्यान रखा गया। बारिश की संभावना को देखते हुए जेल के बाहर वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया, ताकि दूर-दराज से आने वाले परिजनों को मौसम की परेशानी न उठानी पड़े। मुलाकात स्थल के आसपास पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी।
परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जेल परिसर के बाहर एक स्टॉल भी लगाया गया था। यहां बहनों को राखी, नारियल, मिठाई और रुमाल जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। इससे बाहर से आने वाली बहनों को पर्व से जुड़ी सामग्री के लिए अलग से बाजार जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
जेल उप अधीक्षक मांगीलाल पटेल ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर बंदियों और उनके परिवारों में उत्साह देखा गया। शासन के निर्देशों के अनुसार मुलाकात एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। उन्होंने बताया कि पर्व के अवसर पर बंदियों के लिए शाम को विशेष भोजन भी तैयार कराया जाएगा।
विशेष भोजन में पूरी, सब्जी, खीर, सलाद और पापड़ सहित अन्य सामग्री शामिल रहेगी। भोजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि रक्षाबंधन के दिन बंदियों को भी पर्व का एहसास हो सके।
सुरक्षा के लिहाज से जेल स्टाफ के अलावा पुलिस बल की भी तैनाती की गई। जेल प्रशासन ने मुलाकात के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आने वाले परिजनों की सुविधा का भी ध्यान रखा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुलाकात कराने की व्यवस्था की गई, जिससे किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी बहनों से राखी बंधवाने वाले बंदियों में भी उत्साह नजर आया। कई बंदियों ने जेल प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं के लिए आभार जताया। उनका कहना था कि परिवार से दूर रहते हुए त्योहार के अवसर पर बहनों का जेल तक पहुंचना उनके लिए भावनात्मक क्षण है।
रक्षाबंधन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। इसी भावना के साथ दमोह जिला जेल में भी आज का दिन बंदियों और उनके परिजनों के लिए खास रहा। जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित नियमों के बीच राखी की छोटी-सी डोर ने परिवार के सदस्यों के बीच अपनत्व और भावनाओं को जोड़ने का काम किया।