जोधपुर, 04 अगस्त । अपने गृह नगर जोधपुर प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर कटाक्ष किया। गहलोत ने कहा कि खींवसर विधायक रेवतराम डांगा पहले स्टिंग में पकड़े गए थे लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब डांगा ने 205 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। वहीं केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने सब्सिड़ी के 90 लाख रुपये उठा लिए। संसद में मुद्दा बनने पर वापस जमा करवाया। हालांकि जमा कराने से क्राइम खत्म नहीं होता। उदयपुर के विधायकों पर भी आरोप है कि वे आदिवासी परिवारों को बंधक बनाकर जमीन कब्जा रहे हैं। गहलोत ने आज सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली, आदिवासी क्षेत्रों की स्थिति, अरावली संरक्षण, मानगढ़ धाम सहित कई विषयों पर अपनी बात रखी।
गहलोत ने आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और चुनाव में भारी बहुमत से जीतेगी। छोटे-मोटे मतभेद हर दल में होते हैं, लेकिन कांग्रेस में कोई बड़ा मतभेद नहीं है। गहलोत ने कहा कि बीजेपी मध्यप्रेदश और बिहार में हुए उपचुनाव में हारी है। राजस्थान में जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है कि चुनाव कब आए। गवर्नेंस नाम की चीज नहीं है। करप्शन हो रहा है। मंत्री लोग जयपुर में मिलते नहीं हैं। सबके दरवाजे बंद हैं, लोग जाए कहां, कहीं जनसुनवाई नहीं हो रही।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद गंभीर दौर से गुजर रही है। हॉस्पिटलों में मरीजों को समय पर ऑक्सीजन, एक्स-रे और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई मरीज इलाज के इंतजार में परेशान हैं, जबकि पेंशन और मृतकों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता भी समय पर नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि सरकार को हॉस्पिटलों में विशेष निगरानी दल बनाकर व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए और यदि कहीं भ्रष्टाचार है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन इसका खामियाजा आम मरीजों को नहीं भुगतना चाहिए। सरकार इस ओर पूरी तरह उदासीन बनी हुई है।
कानून-व्यवस्था पर गहलोत ने कहा कि राजस्थान में हत्या, लूट, डकैती और ब्लाइंड मर्डर जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने लोहावट की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक परिवार पर हमला हुआ, जिसमें दो बच्चे घायल हो गए और आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सरकार अपराध रोकने में विफल रही है।
मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए गहलोत ने कहा कि मानगढ़ के शहीदों ने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था और उनके सम्मान में राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मानगढ़ आए थे और उस समय इस दिशा में उम्मीद जगी थी, लेकिन आज तक निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
वहीं उन्होंने अरावली को लेकर सरकार के गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि अरावली नष्ट हुई तो सबसे अधिक नुकसान राजस्थान को होगा, लेकिन राज्य सरकार इस विषय पर गंभीर नजर नहीं आती। राम मंदिर चंदा मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा कि लोगों ने श्रद्धा से चंदा देकर जमीन खरीदी, निर्माण कराया और सहयोग किया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं वित्तीय अनियमितताओं या घोटालों के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।