पूर्वी सिंहभूम, 12 अगस्त । उपायुक्त कार्यालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना, पीवीटीजी परिवारों को खाद्यान्न वितरण सहित राशन कार्ड से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। राशन वितरण और राशन कार्ड के अपात्र और डुप्लीकेट लाभुकों के नाम हटाने की कार्रवाई में धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि राशन कार्ड में दर्ज 63 डुप्लीकेट लाभुकों के नाम हटाने की कार्रवाई में पिछले माह से अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए शहरी क्षेत्र के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि डुप्लीकेट लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया इसी माह हर हाल में पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड में अपात्र लोगों के नाम बने रहने से पात्र लाभुकों को सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी राशन कार्ड में आयकर देने वाले व्यक्ति का नाम पाया जाता है तो नियमानुसार पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने राशन कार्ड में नाम जोड़ने, संशोधन करने या कार्ड को सक्रिय करने से संबंधित लंबित आवेदनों का निष्पादन भी एक सप्ताह के भीतर करने का आदेश दिया।
बैठक में अगस्त माह के राशन वितरण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि डाकिया योजना के लाभुकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका है, लेकिन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अन्य लाभुकों के बीच अब तक केवल करीब चार प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण हुआ है। इतनी धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को राशन वितरण में तेजी लाने और निर्धारित समय पर लाभुकों तक खाद्यान्न पहुंचाने का निर्देश दिया।
खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उपायुक्त ने संबंधित परिवहनकर्ताओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि गोदाम से जनवितरण प्रणाली दुकानदारों तक एक सप्ताह के भीतर खाद्यान्न पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।