भोपाल, 17 अगस्त । अन्नदाता किसान हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए किसान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए खेत से बाजार तक कृषि मूल्य संवर्धन श्रृंखला को सुदृढ़ करने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने, आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीक सहित प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन और संस्थागत वित्त की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में निरंतर काम हो रहा है।
जनसंपर्क अधिकारी घनश्याम सिरसाम ने सोमवार को बताया कि किसानों के हित में ‘कवच योजना’ राज्य सरकार की एक बड़ी पहल है। किसान की मेहनत का सम्मान हो, उनकी खेती-किसानी मजबूत हो और उसे आर्थिक सुरक्षा का भरोसा भी मिले, ‘कवच योजना’ इसी संकल्प को धरातल पर उतारने वाला कदम है। इस योजना का उद्देश्य प्रभावित किसानों को राहत देने के साथ उन्हें फिर से सहकारी बैंकिंग प्रणाली एवं ऋण व्यवस्था की मुख्यधारा में लाना है, ताकि वे अपनी कृषि गतिविधियों को निर्बाध रूप से आगे बढ़ा सकें और सरकार की योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण वर्ष (2026) में लिया गया यह महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश के उन हजारों किसानों के लिए नई उम्मीद की तरह है, जिनके लिए लंबित जांच के कारण नये ऋण प्राप्ति का रास्ता बाधित हो गया था। अब ‘कवच योजना’ उनके लिए आर्थिक गतिविधियों को पुनः गति देने और संस्थागत वित्त व्यवस्था से फिर से जुड़ने का माध्यम भी बनेगी।
योजना को कब मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में 4 अगस्त 2026 को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसान हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों की आमदनी बढ़ाना, उनका सम्मान एवं आर्थिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में है।
किन्हें मिलेगा लाभ
कवच योजना से सहकारी समितियों से जुड़े ऐसे लगभग 5 हजार किसान लाभान्वित होंगे, जिनके ऋण खातों में हुई गड़बड़ियों की जांच लंबित रहने के कारण वे शासकीय योजनाओं और नई ऋण सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी प्रक्रिया अथवा जांच के लंबित रहने का प्रतिकूल प्रभाव किसान की खेती और आजीविका पर अनिश्चितकाल तक न पड़े। इसी भावना के अनुरूप ‘कवच योजना’ के जरिए प्रभावित किसानों को पुनः मुख्यधारा में लाकर उन्हें संस्थागत ऋण व्यवस्था से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। योजना के अंतर्गत प्रभावित किसानों को नया ऋण उपलब्ध कराने का रास्ता बनाया जाएगा। इसके लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर पर 50 करोड़ रुपये की सीमा तक विशेष निधि का निर्माण करेंगे। किसान हित में राज्य सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपये की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है।
योजना का उद्देश्य
राज्य सरकार की किसान कल्याण नीति का मूल उद्देश्य किसान को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उसकी मेहनत को सुरक्षित वित्तीय आधार उपलब्ध कराना है। सरकार का प्रयास है कि किसान को समय पर ऋण, कृषि आदान और उनके हित की सभी योजनाओं का लाभ मिले, ताकि खेती-किसानी की गतिविधियां कतई बाधित न हों। यह योजना संस्थागत कृषि ऋण किसान की खेती के लिए महत्वपूर्ण आधार है। समय पर ऋण उपलब्ध होने से किसान बीज, खाद, कृषि यंत्र, सिंचाई तथा अन्य आवश्यक कृषि गतिविधियों के लिए आवश्यक पूंजी की व्यवस्था कर सकता है। इससे किसानों को महंगे कर्ज पर निर्भरता से बचाने में भी मदद मिलती है।
13 नवम्बर तक चलेगा बलराम कृषि महोत्सव
किसान कल्याण वर्ष-2026 में किसानों के जीवन में खुशहाली लाने और उनके घरों में समृद्धि लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय कृषि के आदि पुरूष, भूमि पुत्र और हलधर भगवान बलराम किसानों के आदि देवता हैं। अन्नदाता किसानों के सम्मान में राज्य सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। यह महोत्सव 15 जुलाई से प्रारंभ हो गया है, जो 13 नवम्बर 2026 तक चलेगा। कुल 122 दिन के इस बलराम कृषि महोत्सव में प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडी परिसरों में विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों से संवाद किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक किसानों को नई-नई तकनीक के बारे में गाइड कर रहे हैं। खेती को लाभ का धंधा और एक टिकाऊ व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों को जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, मौसम आधारित सलाह, मृदा परीक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, ड्रोन तकनीक और फसल विविधिकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है। अन्नदाताओं को ऊजादाता बनाने के लिए सोलर पम्प कनेक्शन लेने तथा उनके लिए विकसित की गई एग्री-स्टैक प्रणाली का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।