जींद, 24 अगस्त । खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि आज से शुरू की गई खेल पे चर्चा पहल किसी एक शहर तक सीमित नहीं रहेगी। खेल पे चर्चा कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के प्रत्येक जिले में आयोजित किया जाएगा ताकि सरकार, खेल विशेषज्ञों और मैदान में पसीना बहाने वाले खिलाडिय़ों के बीच सीधा और पारदर्शी जुड़ाव बना रहे।
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम सोमवार को हरियाणा के खिलाडिय़ों को आधुनिक खेल तकनीकों, स्पोट्र्स इंजरी मैनेजमेंट, उच्च प्रदर्शन तथा खेल जगत की व्यावहारिक चुनौतियों से रूबरू कराने के उद्देश्य से खेल विभाग द्वारा शुरू किए गए खेल पे चर्चा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के योग भवन में राज्य स्तरीय खेल पे चर्चा कार्यक्रम के प्रथम संस्करण का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यअतिथि के रूप में पहुंचे हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री गौरव गौतम ने युवा खिलाडिय़ों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनके सवालों के सटीक जवाब भी दिए।
मंत्री ने खिलाडिय़ों के अनुभवों, जमीनी चुनौतियों तथा अपेक्षाओं को करीब से जाना। उन्होंने कहा कि खेल पे चर्चा केवल औपचारिक मंच नही बल्कि ज्ञान, विज्ञान और अनुभवों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से खिलाडिय़ों को न केवल तकनीकी मार्गदर्शन मिलेगा बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को भी सही दिशा प्राप्त होगी। खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी मेहनत के दम पर वैश्विक मंच पर तिरंगा फहरा रहे हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि राज्य की हर एक खेल प्रतिभा को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का शत-प्रतिशत प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण की हाई परफॉर्मेंस मैनेजर पूनम बेनीवाल ने एलीट स्तर पर दबाव को नियंत्रित करने और निरंतर बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के मूल मंत्र साझा किए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पैरा ओलंपियन खिलाड़ी रामपाल चहल की प्रेरणादायक जीवन यात्रा रही। उन्होंने अपने जीवन के कठिन संघर्षों, चुनौतियों और खेल के प्रति अटूट समर्पण की गाथा साझा की। जिसे सुन कर ऑडिटोरियम में मौजूद युवा खिलाडिय़ों में नया उत्साह और दृढ़ संकल्प भर गया।