नई दिल्ली, 05 अगस्त । उच्चतम न्यायालय ने उपभोक्ताओं के जानने के अधिकार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जवाब दाखिल करने के लिए छह हफ्ते का समय दिया है, जिन्होंने अभी तक उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। न्यायाधीश विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने पाया कि कुछ ही राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने अपना जवाब दाखिल किया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि हरियाणा, पंजाब, बिहार, असम और केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप ने ही अपने जवाब दाखिल किए हैं। इस मामले में उच्चतम न्यायालय ने जुलाई 2025 में ही नोटिस जारी किया था। याचिका वकील और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अश्विनी उपाध्याय ने दायर की है।
याचिका में मांग की गई है कि उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता, शुद्धता और प्रमाणपत्र के साथ-साथ वितरक और विक्रेता की जानकारी पाने का अधिकार हो। याचिका में कहा गया है कि उपभोक्ताओं को उत्पादों को बेचने के लिए उठाए गए अनुचित तौर-तरीकों और बेईमानी से खुद को बचाने के लिए जानने का अधिकार जरूरी है।