आज का युवा केवल भारत का भविष्य नहीं, भारत का वर्तमान भी है : स्वतंत्र देव सिंह

वाराणसी, 13 अगस्त । स्वतंत्रता दिवस के पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गुरूवार शाम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर से शुरू हुई यह यात्रा मलदहिया और लहुराबीर चौराहा होते हुए डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई।

विशाल तिरंगा यात्रा का नेतृत्व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, युवा, स्थानीय नागरिक और विभिन्न वर्गों के लोग हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग पर देशभक्ति का उत्साह और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण देखने को मिला। यात्रा के आगे पीएसी एवं पुलिस बैंड चल रहा था। बैंड की देशभक्ति धुनों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़ रहे विद्यार्थियों और नागरिकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा में शामिल लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे देशभक्ति के नारों के साथ वातावरण को गुंजायमान करते हुए आगे बढ़ रहे थे।

इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि आज हम तिरंगे को अपने सीने से लगाकर चल रहे हैं। यह केवल भूमि के प्रति प्रेम नहीं, बल्कि उस राष्ट्र के प्रति श्रद्धा है जिसके लिए लाखों वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यह तिरंगा केवल कपड़े के तीन रंग नहीं है; यह भारत की पहचान है, भारत का स्वाभिमान है, भारत की शक्ति है और भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक है। जब तिरंगा हमारे हाथों में हो तो हमें उन वीर जवानों को याद करना चाहिए जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मनों के ठिकानों पर ऐसा प्रहार किया कि पाकिस्तान को दुनिया के सामने झुकना पड़ा। यही वह तिरंगा है जिसके नीचे खड़े होकर हमारे सैनिक सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर राजस्थान की तपती सीमाओं तक दिन-रात देश की रक्षा करते हैं।

मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यही वह तिरंगा है जिसकी पहचान लेकर भारत का चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के समीप उतरा और पूरी दुनिया ने भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा का लोहा माना। यही तिरंगा मंगलयान के माध्यम से अंतरिक्ष में भारत की क्षमता का डंका बजाता है। जब हमारे प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं पर जाते हैं तो विदेशी धरती पर यही तिरंगा भारत के सम्मान, सामर्थ्य और बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक बनकर शान से लहराता है। इसे देखकर हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊंचा हो जाता है और विश्वास मजबूत होता है कि भारत किसी से कम नहीं है और भारत किसी के सामने झुकने वाला नहीं है। यही तिरंगा कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों की विजय के साथ विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ाता है। जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भी यही तिरंगा विश्व के सामने भारत के नेतृत्व और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बनकर उभरा। आज देश का युवा अपनी मेहनत, अपने सपनों और अपने करियर को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संकल्प ले रहा है। यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि स्वाभिमान की यात्रा है, संकल्प की यात्रा है और विकसित भारत के निर्माण की यात्रा है।

—काशी की सड़कों पर एक साथ लहराते तिरंगे ने राष्ट्रभक्ति की बहाई बयार

काशी की सड़कों पर एक साथ लहराते तिरंगे और गूंजते देशभक्ति के नारों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर के माहौल को पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ हाथों में थामकर देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी भावना प्रकट की। इस दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं संबंधित विभागों की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। तिरंगा यात्रा में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक कुमार तिवारी, एलएलसी धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुनील कुमार पटेल, विधायक टी राम, क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला अध्यक्ष रामसकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि के अलावा मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार, एडिशनल पुलिस आयुक्त आदि ने भी भागीदारी की।