जयपुर, 03 सितंबर । अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम 4, महानगर प्रथम ने घर में काम करने आने वाली महिला की गोली मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त रामवीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अदालत ने अभियोजन पक्ष की लापरवाही के चलते अभियुक्त को आर्म्स एक्ट के आरोप से बरी कर दिया है।
पीठासीन अधिकारी विकास कुमार स्वामी ने अपने आदेश में कहा कि आर्म्स एक्ट को लेकर डीसीपी दक्षिण ने अभियोजन स्वीकृति जारी की थी, लेकिन इस दस्तावेज को साबित करने के लिए डीसीपी, दक्षिण को अदालत में पेश नहीं किया गया। ऐसे में अभियोजन स्वीकृति को जांच अधिकारी की ओर से पेश करने मात्र से उसमें अंकित तथ्य साबित नहीं माने जा सकते।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मुनेश कुमार गुप्ता ने अदालत को बताया की परिवादी प्रेमचंद ने 17 अगस्त, 2021 को मानसरोवर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि उसकी पुत्रवधू सुमन और पोती नेहा दोपहर में कपड़ों की धुलाई का काम करने गई थी। करीब पौने तीन बजे उसकी पुत्रवधू के फोन से उसके पोते के पास फोन आया की सुमन की किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी है। सूचना पर वह थाने पहुंचा तो पुलिस उसकी पोती नेहा से पूछताछ कर रही थी। वहां से आकर पोती ने बताया की वह दोनों रामवीर के घर काम करने गई थी। इस दौरान सुमन और रामवीर की किसी बात को लेकर हाथापाई हो गई और रामवीर ने पिस्टल से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इस पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया।