लखनऊ, 08 सितंबर । दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के पात्र दिव्यांगजनों को योजना के अंतर्गत अनुमन्य विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद स्तर पर वितरण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में निदेशालय, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, उ0प्र0, लखनऊ द्वारा समस्त ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रथम चरण के वितरण कार्यक्रम में कुल 75 जनपदों को दो समूहों में विभाजित किया गया है। प्रथम समूह में 41 जनपदों में 17 सितम्बर को वितरण शिविर आयोजित किए जाने की तिथि निर्धारित की गई है। इनमें आगरा, अलीगढ़, एटा, अयोध्या, सुलतानपुर, आजमगढ़, बरेली, बदायूं, बांदा, देविरया, कुशीनगर, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, उन्नाव, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, जौनपुर, गोरखपुर, कन्नौज, प्रयागराज, शामली, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संतकबीर नगर, बिजनौर, इटावा, हापुड़, ललितपुर, मथुरा, रामपुर, सीतापुर, कौशाम्बी, हरदोई एवं बुलन्दशहर जनपद सम्मिलित हैं। इसी तरह द्वितीय समूह में 34 जनपदों के लिए 02 अक्टूबर को वितरण शिविर आयोजित करने की तिथि का निर्धारणकिया गया है। इस समूह में लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, चन्दौली, बलरामपुर, चित्रकूट, अम्बेडकर नगर, अमरोहा, फिरोजाबाद, जालौन, कानपुर देहात, खीरी, महाराजगंज, मऊ, पीलीभीत, रायबरेली, सम्भल, शाहजहांपुर, सोनभद्र, अमेठी, औरैया, बागपत, बाराबंकी, भदोही, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, महोबा, मुजफ्फरनगर, बहराइच, बलिया, बस्ती एवं मैनपुरी आदि जनपदों को सम्मिलित किया गया हैं।
विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार द्वितीय चरण 20 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक तथा तृतीय चरण 03 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक प्रदेश के समस्त जनपदों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा संबंधित ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार वितरण शिविरों के सफल आयोजन के लिए कार्ययोजना तैयार कर उस पर अतिशीघ्र क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।
राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण, सशक्तीकरण, आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जाते रहैं। सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरण योजना इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। योजना का उद्देश्य पात्र दिव्यांगजनों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचाना है। वितरण शिविरों के माध्यम से लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उन्हें अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाना है। उ0प्र0 सरकार द्वारा दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाना तथा उनकी गतिशीलता, कार्यक्षमता एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।