नई दिल्ली, 23 सितंबर । दिल्ली की निचली अदालतों के वकील मोटर व्हीकल रुल्स के रुल 167 में संशोधन के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। 21 सितंबर को उनकी हड़ताल के बाद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक उत्तर नहीं आने के बाद अब वकीलों ने कल यानि 24 सितंबर को उप-राज्यपाल के घेराव करने का ऐलान किया है। कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली ने दिल्ली के वकीलों से आह्वान किया है कि वो 24 सितंबर 11 बजे तीस हजारी कोर्ट में इकट्ठा हों और उप-राज्यपाल के घेराव के लिए कूच करें।
दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी मोटर व्हीकल रुल्स के रुल 167 में संशोधन पर चिंता जताते हुए कहा है कि ये आम नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील एन हरिहरन और सचिव विक्रम सिंह पंवार के हस्ताक्षर से जारी नोटिस में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की ओर से किया गया संशोधन न्यायपालिका के कार्यक्षेत्र में दखलंदाजी है। निचली अदालतों में हड़ताल का आह्वान कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली ने किया है।
दिल्ली सरकार ने ट्रैफिक चालानों की सुनवाई के लिए एसडीएम, एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और विभागीय अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके पहले ट्रैफिक चालान अदालतों में मजिस्ट्रेट की कोर्ट में होते थे।
नये संशोधन के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ चालान जारी किया गया है तो या तो उसे चालान भरना होगा या चालान जारी होने के 45 दिनों के अंदर दिल्ली सरकार की ओर से नियत अफसरों के समक्ष इसका विरोध करना होगा। इस संशोधन के तहत अगर किसी व्यक्ति ने 45 दिन के अंदर चालान का विरोध नहीं किया तो ये माना जाएगा कि उसने चालान स्वीकार कर लिया है। अगर दिल्ली सरकार के बताए हुए अधिकारी ने चालान के विरोध में दलील को खारिज कर दिया तो संबंधित व्यक्ति कोर्ट में तभी जा सकता है जब वो चालान की राशि का आधा हिस्सा दिल्ली सरकार के पास जमा करे।
दिल्ली सरकार के इस फैसले का कोआर्डिनेशन कमेटी ने विरोध जताते हुए संबंधित मंत्री के समक्ष 27 अगस्त को अपनी बातें रखी थी। उसके बाद दिल्ली सरकार के कानून मंत्री के समक्ष भी 7 सितंबर को कोआर्डिनेशन कमेटी ने अपनी बातें रखी थी। दिल्ली के कानून मंत्री के साथ हुई दो बैठकों में कोआर्डिनेशन कमेटी को ये आश्वस्त किया गया कि दिल्ली सरकार ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए एसडीएम या दूसरे अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव पर कोई अमल नहीं करेगी, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में ये बातें आयी कि दिल्ली सरकार ने ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की है।