गुरुग्राम, 30 सितंबर । गुरुग्राम के बड़े रियल एस्टेट ग्रुप वाटिका के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने वाटिका लिमिटेड के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल भल्ला और ग्रुप के प्रमोटर गौतम भल्ला को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। दोनों को मंगलवार को गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।
ईडी की ओर से इस मामले में अभी तक करीब 154.36 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय चिन्हित की गई है। ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एजेंसी का आरोप है कि 2010 से 2012 के बीच सात खरीदार कंपनियों ने गुरुग्राम के वाटिका इंडिया नेक्स्ट और वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 प्रोजेक्ट्स में आवासीय प्लॉट के लिए करीब 260 करोड़ रुपये की पूरी राशि एडवांस में जमा कर दी थी, लेकिन 14 साल बाद भी बड़ी संख्या में प्लॉट खरीदारों को नहीं दिए गए। जांच में सामने आया कि प्रोजेक्ट के लेआउट में बदलाव के बाद पहले से आवंटित प्लॉटों की संख्या और लोकेशन बदल दी गई और वही जमीन दूसरे खरीदारों को बेच दी गई। ईडी के अनुसार वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 में करीब 1.10 लाख वर्ग गज जमीन, जिसकी कीमत लगभग 90 करोड़ रुपये है, 14 साल बाद भी खरीदारों को नहीं सौंपी गई। वहीं वाटिका इंडिया नेक्स्ट में भी डिलीवरी आधी-अधूरी रही और करीब 140.73 करोड़ रुपये मूल्य के प्लॉट आज भी लंबित हैं।
ईडी का आरोप है कि खरीदारों से लिया गया पैसा संबंधित प्रोजेक्ट में न लगाकर दूसरी ग्रुप कंपनियों और प्रमोटर से जुड़ी संस्थाओं में ट्रांसफर किया गया। एजेंसी ने 22 ऐसी ग्रुप कंपनियों का जिक्र किया है जिनके पास कोई कर्मचारी या कारोबारी गतिविधि नहीं थी और जिनका इस्तेमाल सिर्फ जमीन के प्रबंधन, कॉरपोरेट गारंटी और लैंड बैंक को कंट्रोल करने के लिए किया जाता था। इसके अलावा 2024 में स्केलर वेंचर्स के साथ हुई एक डील का भी उल्लेख है, जिसमें 473.18 करोड़ रुपये लिए गए और 165 में से सिर्फ 15 प्लॉट वापस खरीदे गए। शेष में से 14 प्लॉट कथित तौर पर स्केलर की जानकारी के बिना ही तीसरे पक्ष को 13.62 करोड़ रुपये में बेच दिए गए। इससे पहले ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत सात ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापे के दौरान एक आरोपी के घर से मर्सिडीज बेंज जीएलसी-300, 1.3 किलोग्राम से अधिक सोना-हीरे के आभूषण, करीब 1.55 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और लगभग 3.04 करोड़ रुपये के बैंक खाते और एफडीआर फ्री किए गए थे।