शिक्षक विद्यार्थियों को केवल शिक्षा नहीं, जीवन की दिशा भी देते हैं : उपायुक्त

पश्चिमी सिंहभूम, 05 सितंबर । मुख्यमंत्री उत्कृष्ट प्लस टू जिला उच्च विद्यालय, चाईबासा सभागार में शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उपायुक्त मनीष कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यालय में पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि जीवन में किसी भी व्यक्ति से प्राप्त सीख, अनुभव, मार्गदर्शन और प्रेरणा भी हमें आगे बढ़ने की दिशा देती है। उन्होंने कहा कि जीवन निरंतर सीखने की प्रक्रिया है और प्रत्येक अनुभव मनुष्य को कुछ नया सिखाता है।

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षक समाज का वह महत्वपूर्ण वर्ग है, जो ज्ञान के साथ विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और जीवन मूल्यों की सीख देता है। शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने का कार्य करते हैं। उनके ज्ञान और अनुभव का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके माध्यम से परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। इसलिए शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं और समाज को उनके योगदान का सम्मान करना चाहिए।

उपायुक्त ने महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि चरित्र, विचार और व्यक्तित्व निर्माण का आधार माना। उनके विचार आज भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे शिक्षकों से प्राप्त ज्ञान और मार्गदर्शन को अपने जीवन में उतारें। सफलता का अर्थ केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और अच्छा इंसान बनना भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनकर निरंतर सीखने, अनुशासन और संस्कार को जीवन में अपनाने तथा शिक्षकों का सदैव सम्मान करने की सलाह दी।

समारोह में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।