पूर्वी सिंहभूम, 08 सितंबर । जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह मंगलवार को बिष्टुपुर स्थित एक्सएलआरआई सभागार में आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 54 मेधावी छात्राओं को स्वर्ण पदक, चांसलर मेडल और अन्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
दीक्षांत समारोह में कुल 1990 छात्राओं को डिग्री और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों की छात्राओं ने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मान हासिल किया। अर्थशास्त्र विभाग की छात्राओं को रेखा झा मेमोरियल मेडल भी प्रदान किया गया। यह पहला अवसर रहा, जब एक ही दीक्षांत समारोह में चार शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई।
इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने छात्राओं से अपनी शिक्षा, प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग समाज तथा देश के विकास में करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन की सफलता केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना से व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने कहा कि देश में बेटियां आज शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। झारखंड की बेटियों में शिक्षा और प्रतिभा की असीम क्षमता है और जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय इस क्षमता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
समारोह में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो इला कुमार, सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी, विश्वविद्यालय के शिक्षक, पदाधिकारी, छात्राएं और उनके परिजन मौजूद थे। स्वर्ण पदक और डिग्री प्राप्त करने वाली छात्राओं के बीच समारोह को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। परिजनों ने भी छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी जताई।
उल्लेखनीय है कि सिदगोड़ा क्षेत्र में स्थित जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय छात्राओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने वाला झारखंड का पहला महिला विश्वविद्यालय है।