अपराध और धोखाधड़ी के मामलों में आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत
यह कार्रवाई की गई। मामले में 11 सितंबर 2026 को धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत
सिविल लाइन थाना में केस दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके
पिता का निधन 15 जनवरी 2026 को हो चुका है। परिवार जिस मकान में रह रहा है, वह उनकी
दादालाई जायदाद है। आरोप है कि महिला आरोपी सुमन और उसके भाई सुखराम उर्फ दीपू ने जायदाद
हड़पने की नीयत से 8 जून 2026 को फर्जी किरायानामा तैयार किया।
मृत पिता को मकान मालिक और सुखराम को किरायेदार दर्शाया गया तथा मृत व्यक्ति के फर्जी
हस्ताक्षर कर दिए गए। इतना ही नहीं, इसी फर्जी किरायानामे के आधार पर सुखराम ने 9 जून
2026 को मकान की पहली मंजिल पर बिजली का मीटर लगवाने के लिए आवेदन भी कर दिया। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच एएसआई अंजू
ने की। जांच के दौरान दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त
किया गया। रिकॉर्ड से फर्जी किरायानामे के आधार पर बिजली मीटर लगवाने के लिए आवेदन
किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।
किया। उसकी निशानदेही पर असल फर्जी किरायानामा बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को अदालत
में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। पूछताछ के दौरान सामने
आए तथ्यों के आधार पर सीएससी सेंटर संचालक रोहताश को भी जांच में शामिल किया गया और
गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ पूरी करने के बाद उन्हें अदालत
वीवो टी1 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वीवो टी1 में सिम भी लगी हुई थी। पुलिस के अनुसार
दोनों मोबाइल फोन में फर्जी दस्तावेजों से संबंधित स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिन्हें मामले
