हिसार : खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से बदल रही भविष्य की संभावनाएं : प्रो. नरेंद्र सिंह राठौड़

निर्णय प्रक्रिया खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

विद्यार्थियों को इन बदलावों के अनुरूप अपनी दक्षताओं का विकास करना चाहिए।

में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग

एंड टेक्नोलॉजी (एफईटी) की डीन प्रो. अलका शर्मा, प्रो. मनीष कुमार, डॉ. ज्योति, डॉ.

सोनिका, डॉ. नेहा यादव, इंजीनियर सुनील कुमार तथा इंजीनियर मिथुन उपस्थित रहे।

सिद्धांतों, इसके विकास क्रम तथा बदलते औद्योगिक परिदृश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण एवं इससे जुड़े उद्योगों में तकनीकी नवाचारों के बढ़ते महत्व

को रेखांकित करते हुए कहा कि औद्योगिक आवश्यकताओं में हो रहे बदलावों के साथ कदमताल

करना समय की जरूरत है। विद्यार्थियों को विषय की बुनियादी अवधारणाओं पर मजबूत पकड़

बनाने के साथ नवीन तकनीकों को अपनाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर ध्यान

प्रो. राठौड़ का विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनका मार्गदर्शन करना उनकी शैक्षणिक

प्रतिबद्धता और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की भावना को दर्शाता है। प्रो. मनीष कुमार ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों

को अनुभवी शिक्षाविदों के विचारों से परिचित कराने, खाद्य प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप

को समझने तथा शिक्षा और उद्योग के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल