जबलपुर, 08 अक्टूबर । बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत के मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर गुरुवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह की ओर से दलील दी गई कि मामले की जांच 90 दिन से अधिक समय से लंबित है। बचाव पक्ष ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए शीघ्र जमानत दिए जाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बचाव पक्ष के उस दावे का विरोध किया, जिसमें दहेज हत्या से संबंधित धारा 80(2) हटाए जाने की बात कही गई थी। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धारा 108 जोड़ी गई है।
सीबीआई ने यह भी बताया कि मोबाइल डाटा और सीसीटीवी के डीवीआर की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। जांच फिलहाल जारी है और इन रिपोर्टों के आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने गिरिबाला सिंह के जमानत आवेदन में फिलहाल केवल धारा 108 जोड़े जाने वाले हिस्से को रिकॉर्ड पर लिया। वहीं जमानत आवेदन और ट्विशा शर्मा के पिता की ओर से प्रस्तुत आपत्ति आवेदन में आवश्यक संशोधन के लिए दोनों पक्षों को दो दिन का समय दिया गया है।
अब मामले की अगली सुनवाई बुधवार, 14 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे होगी। फिलहाल हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की जमानत पर फैसला टाल दिया है।
