सेवानिवृत्त शिक्षिका से 80 लाख की डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाला गिरफ्तार

जयपुर, 08 अक्टूबर । । अजमेर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 80 लाख रुपए ठगने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ केंद्रीय साइबर पुलिस थाना (आर4सी) जयपुर ने कार्रवाई करते हुए फलोदी निवासी आरोपी बजरंग को गिरफ्तार किया है। वारदात के करीब दो साल बाद हुई इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस इस मामले में अब तक गिरोह के 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की गई। जांच में आरोपी की भूमिका बैंक खातों, सिम और ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़ी सामने आई।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि 14 नवंबर 2024 को उसके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को पुलिस और साइबर अपराध शाखा का अधिकारी बताया। आरोपी ने महिला को डराया कि उसके पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 25 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन किया गया है और वह धनशोधन के मामले में फंस सकती है।

इसके बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए महिला पर लगातार नजर रखी और गिरफ्तारी का भय दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। फर्जी जांच और मदद का भरोसा देकर आरोपियों ने उसके बैंक खातों की जानकारी हासिल की और आरटीजीएस के माध्यम से 80 लाख रुपए अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने जब महिला से और रुपए मांगे तो उसे ठगी का शक हुआ। इसके बाद उसने 30 नवंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई।

साइबर पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और बैंक लेनदेन की मनी ट्रेल का विश्लेषण किया। जांच में फलोदी निवासी बजरंग की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, बजरंग ने महज 5 हजार रुपए के लालच में अपना केनरा बैंक खाता, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड परिचित संदीप को उपलब्ध कराया था।

इसी खाते में 26 नवंबर 2024 को पीड़ित शिक्षिका से ठगी गई रकम में से 2 लाख 10 हजार 474 रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस के अनुसार रकम को उसी दिन एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाल लिया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के लेनदेन के संबंध में जानकारी जुटा रही है।