रविवार काे आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार कर्मचारी एवं जनविरोधी नीतियां
लागू कर रही है। इन नीतियों के कारण कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों में रोष
विद्यालयों और आरोही मॉडल स्कूलों में कार्यरत महिला रसोइयों से 24 घंटे काम लिया जा
रहा है। इसके बावजूद उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। वहीं, पिछले पांच
वर्षों से उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नेताओं ने इसे महिला कर्मचारियों
का शोषण बताते हुए उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन
विद्यालयों में कार्यरत महिला कर्मचारियों की जल्द ही अलग बैठक बुलाई जाएगी। इसमें
धरने पर बैठे कर्मचारियों की मांगों का भी समर्थन किया गया। कर्मचारी नेताओं ने सरकार
से मांग की कि वह धरनारत कर्मचारियों की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर उनकी मांगों
विनोद, यूनियन के सह सचिव ईश्वर सिंह मुवाल, तरसेम सहित अन्य कर्मचारी नेता उपस्थित
