ई-कॉमर्स पर असली हेलमेट की जगह भेजते थे सस्ते हेलमेट: ओएलएक्स पर बेचते थे महंगा माल

जयपुर, 23 अक्टूबर । ई-कॉमर्स मंचों के जरिए ग्राहकों को महंगे ब्लूटूथ हेलमेट के बदले सस्ते हेलमेट भेजकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपित हेडफॉक्स कंपनी के असली हेलमेट अपने पास रख लेते थे और ग्राहकों को दूसरी कंपनी के कम कीमत वाले हेलमेट भेज देते थे। इसके बाद असली हेलमेट ओएलएक्स पर कम कीमत में बेचने के लिए विज्ञापन देते थे। ज्योति नगर थाना पुलिस ने मामले में दो आरोपिताें को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 200 से अधिक असली ब्लूटूथ हेलमेट बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।

डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपिताें में सुरेंद्र कुमार नागर (24), मूल निवासी ढोढसर, जयपुर ग्रामीण, हाल निवासी सूर्य नगर, मुरलीपुरा तथा सुशील कुमार बुराड़िया (27), मूल निवासी सीकर, हाल निवासी गणेश नगर-2, न्यू करणी कॉलोनी, हरमाड़ा शामिल हैं। पुलिस मामले में ई-कॉमर्स कंपनी में काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार हेडफॉक्स इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शुभम चौहान ने 19 अक्टूबर को ज्योति नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कंपनी हेडफॉक्स ब्रांड के ब्लूटूथ हेलमेट बनाती है। एक हेलमेट की बाजार कीमत करीब 4 हजार रुपए है और कंपनी ई-कॉमर्स मंचों के जरिए अपने उत्पाद बेचती है।

शिकायत के मुताबिक, जनवरी से ग्राहकों की ओर से हेलमेट और अन्य उत्पादों को लेकर लगातार शिकायतें मिलने लगीं। कई ग्राहकों ने गलत हेलमेट मिलने या पैकेट में हेलमेट नहीं होने की शिकायत के साथ सामान लौटाया। इससे कंपनी को बड़ी संख्या में असली हेलमेट गायब होने और आर्थिक नुकसान की आशंका हुई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

थानाधिकारी गुंजन सोनी के नेतृत्व में जांच के दौरान सामने आया कि सुरेंद्र कुमार नागर ने ओएलएक्स पर हेडफॉक्स कंपनी के हेलमेट बाजार मूल्य से कम कीमत पर बेचने का विज्ञापन दिया था। पुलिस ने सुरेंद्र से पूछताछ की तो ई-कॉमर्स कंपनी में काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आई। जांच के अनुसार, यह व्यक्ति कथित तौर पर ई-कॉमर्स मंचों से बेचे जाने वाले महंगे हेलमेट निकालकर उनकी जगह दूसरी कंपनी के सस्ते हेलमेट ग्राहकों को भेजता था।

ग्राहकों की ओर से गलत उत्पाद मिलने की शिकायत के साथ सामान लौटाने पर कंपनी को नुकसान उठाना पड़ता था, जबकि असली हेलमेट आरोपियों के पास पहुंच जाते थे। आरोप है कि ई-कॉमर्स कंपनी में काम करने वाला व्यक्ति ये हेलमेट सुरेंद्र और सुशील को बेचने के लिए देता था। दोनों आरोपी इन्हें ओएलएक्स सहित अन्य माध्यमों से कम कीमत पर बेचने की तैयारी में थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 200 से अधिक हेडफॉक्स ब्लूटूथ हेलमेट बरामद किए हैं। बरामद हेलमेट की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस अब ई-कॉमर्स कंपनी में काम करने वाले उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसकी भूमिका जांच में सामने आई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल हैं।