पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करते हुए पक्का मोर्चा लगाया जाएगा।
आंदोलन की तैयारी को लेकर किसान सभा की ओर से तहसील कमेटी के अलावा पाबड़ा,
फरीदपुर, कनोह और बालक गांवों में मंगलवार को बैठकें आयोजित की गईं। अखिल भारतीय किसान
सभा के जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया, उकलाना-बरवाला तहसील प्रधान मा. फूल सिंह व कर्मबीर
जलंधरा तथा सचिव प्रदीप बूरा और सत्यवान रेढू ने कहा कि पीएलसी पाबड़ा नहर से फरीदपुर
माइनर को जुड़े करीब दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसमें पानी नहीं
छोड़ा जा रहा है। आसपास के कनोह, किरोड़ी, बालक, पाबड़ा, फरीदपुर और दौलतपुर सहित कई
गांवों के किसान करीब 30 वर्षों से फरीदपुर माइनर को पाबड़ा नहर से जोड़ने और इसमें
किसान नेताओं ने कहा कि इस क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल के लिए फरीदपुर माइनर
महत्वपूर्ण स्रोत है। नहरों में एक सप्ताह या उससे भी कम समय तक पानी आने के कारण किसानों
की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से फसलें सूखने की
स्थिति पैदा हो रही है। वहीं, पानी की कम आपूर्ति के कारण ग्रामीणों और पशुओं के लिए
पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की जरूरतों
को देखते हुए नहरों में नियमित रूप से दो सप्ताह पानी छोड़ा जाना जरूरी है। किसान सभा नेताओं ने कहा कि फरीदपुर माइनर में पीएलसी पाबड़ा नहर से जल्द पानी
छोड़ा जाए, सभी गांवों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और हिसार जिले
की सभी नहरों में दो सप्ताह पानी दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान सभा धरना, प्रदर्शन और घेराव जैसे आंदोलन करने को
