ऊना, 17 अक्टूबर । झारखंड के साहिबगंज में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवकरण राणा शनिवार को न्यायाधीश बनने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव डंगोली पहुंचे। इस दौरान बड़े भाई बहादुर सिंह राणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर उनका स्वागत किया। ग्रामीणों ने शिवकरण राणा को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। इस मौके पर उनकी धर्मपत्नी सारिका राणा, बेटी रुद्राक्ष राणा और माता विमला देवी भी उनके साथ गांव पहुंचीं। ग्राम पंचायत प्रधान लवनीश राणा, उपप्रधान गुरमुख सिंह भुल्लर सहित पंचायत प्रतिनिधियों ने भी न्यायाधीश का स्वागत-सत्कार किया।
गांव पहुंचने पर शिवकरण राणा ने युवाओं को मेहनत और अनुशासन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने का एक ही रास्ता है और वह मेहनत से होकर गुजरता है। युवाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और ईमानदारी से प्रयास करने चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा भविष्य को बर्बाद कर देता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, सकारात्मक गतिविधियों और करियर निर्माण में लगानी चाहिए।
गौरतलब है कि शिवकरण राणा का चयन 2 सितंबर 2025 को बार से सीधी भर्ती के माध्यम से जिला न्यायाधीश के पद पर हुआ था। उन्होंने 16 मार्च 2026 को पदभार ग्रहण किया। न्यायाधीश बनने के बाद पहली बार गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा। उनकी उपलब्धि को ग्रामीणों ने डंगोली और पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।
