में विभिन्न देशों के पहलवानों ने हिस्सा लिया। चंद्र मोहन ने अपने दमखम और कुश्ती
कौशल के दम पर मुकाबलों में प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती दी और अमेरिकी पहलवानों
को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला ईरान के पहलवान से हुआ,
जिसमें उन्हें बेहद करीबी मुकाबले में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा। जीत से महज एक
अंक दूर रहने के बावजूद चंद्र मोहन ने हिम्मत नहीं हारी और कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा
विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर पदक जीतना चंद्र मोहन की मेहनत, लगन और तकनीकी कौशल
का प्रमाण है। उनकी सफलता अकादमी के साथ-साथ हरियाणा और देश के लिए भी गर्व की बात
है। इससे अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे अन्य युवा पहलवानों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर
पर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। कोच जय भगवान राठौर ने बताया कि चंद्र मोहन
के अकादमी पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा। अकादमी में पहलवानों को बेहतर
प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि अकादमी के दो पहलवानों ने अमेरिका में आयोजित इस प्रतियोगिता में
भाग लिया था। चंद्र मोहन का पदक जीतना अकादमी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
