जयपुर, 01 नवंबर । सीआईडी क्राइम ब्रांच ने श्रीगंगानगर जिले में नकली एवं मिलावटी घी के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो फर्मों पर छापेमारी कर 22 हजार 138 लीटर नकली एवं संदिग्ध घी जब्त किया है। जब्त घी की अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 60 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ नकली घी की बिक्री से प्राप्त 3 लाख 50 हजार रुपये और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध शाखा) बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। महानिरीक्षक पुलिस के.बी. वंदना और उप महानिरीक्षक प्रहलाद कृष्णियां के सुपरविजन में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम ने श्रीगंगानगर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई की।
सीआईडी क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि गुजरात के सूरत से पाम ऑयल मंगवाकर उसमें केमिकल मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा एक्सपायरी घी के पुराने रैपर हटाकर नए स्टीकर और पैकिंग लगाकर उसे दोबारा बाजार में बेचा जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर हरिशंकर यादव और उप पुलिस अधीक्षक नितिन चौधरी से समन्वय कर छापेमारी की गई।
पहली कार्रवाई चौधरी कॉम्पलेक्स स्थित अनन्या ट्रेडिंग कम्पनी के गोदाम और फैक्ट्री पर की गई। यहां राम तायल (26), मुकेश कुमार (24) और विकास कुमार (42) मिले, जिन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि राम तायल की पत्नी के नाम से कम्पनी संचालित की जा रही थी और पिछले करीब छह माह से गोदाम किराये पर लेकर कारोबार किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को गोदाम में त्रिसल्वा, बांसुरी, श्रीनंद और मायरा ब्रांड के नाम से पैक घी के टीन और कार्टन मिले। इसके अलावा बिना लेबल वाले टीन तथा एक्सपायरी डेट का घी भी बरामद हुआ। विभिन्न ब्रांड और पैकिंग में कुल 16 हजार 394 लीटर घी मिला। इसमें त्रिसल्वा ब्रांड के 3 हजार 558 लीटर, बांसुरी के 6 हजार 275 लीटर, श्रीनंद के 5 हजार 586 लीटर और मायरा के 90 लीटर घी के साथ बिना लेबल वाले 390 लीटर तथा एक्सपायरी डेट के बांसुरी ब्रांड के 495 लीटर घी शामिल हैं।
गोदाम में जांच के दौरान पैकिंग मशीन, विभिन्न ब्रांड के रैपर, स्टीकर, खाली कार्टन, डिब्बे, गैस भट्टी और सिलेंडर भी मिले। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डीलरों से वापस आने वाले खराब माल और एक्सपायरी घी के टीन व कार्टन पर पुराने रैपर हटाकर नए स्टीकर और रैपर लगाए जाते थे। इसके बाद माल को दोबारा बाजार में सप्लाई कर दिया जाता था।
प्रारंभिक पूछताछ में राम तायल के गुजरात की देवकुंज मिल्क प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड से पाम ऑयल और वनस्पति मंगवाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार कुछ खरीद बिल के माध्यम से और कुछ बिना बिल के की जाती थी। माल की सप्लाई श्रीगंगानगर के डीलरों और अन्य कारोबारियों को की जाती थी। सप्लाई एवं मार्केटिंग के लिए विकास कुमार को भी साथ रखा गया था, जिसे प्रति लीटर कमीशन दिया जाता था।
दूसरी कार्रवाई श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ बाईपास स्थित न्यू विजय ट्रेडिंग कम्पनी पर की गई। यहां से 5 हजार 744 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने घी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इसकी गुणवत्ता और मिलावट की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।
पुलिस ने अनन्या ट्रेडिंग कम्पनी के गोदाम को सील कर दिया है। नकली घी के परिवहन में इस्तेमाल होने की आशंका पर मौके पर खड़ी मारुति वैन को भी कब्जे में लिया गया है। तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
सीआईडी क्राइम ब्रांच के अनुसार मामले में अन्य गोदामों और फर्मों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई में सीआईडी क्राइम ब्रांच, सदर थाना पुलिस और जिला विशेष टीम श्रीगंगानगर के अधिकारियों एवं जवानों की भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार में शामिल अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाकर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
