झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकारों के लिए 15 नवंबर से शुरू होगा ‘उलगुलान एक क्रांति’ कार्यक्रम

रांची, 02 नवंबर । झारखंड आंदोलनकारियों के हक-अधिकार, सम्मानजनक पेंशन और उनके बच्चों को शत-प्रतिशत नौकरी देने की मांग को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा 15 नवंबर 2026 से ‘उलगुलान एक क्रांति’ कार्यक्रम शुरू करेगा। इसकी घोषणा रविवार को कांके के सुंदर नगर में आयोजित रांची जिला स्तरीय बैठक में मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने की।

इस मौके पर पुष्कर महतो ने कहा कि कार्यक्रम के तहत 45 आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे। झारखंड आंदोलनकारियों और झारखंडियों के अस्तित्व, अस्मिता एवं पहचान को मिटने नहीं दिया जाएगा। अबुआ राज की परिकल्पना को साकार करना सभी झारखंडियों की जिम्मेदारी है। इसी संकल्प के साथ 15 नवंबर को पारंपरिक वाद्ययंत्रों और शस्त्रों के साथ आंदोलनकारी रांची के बिरसा चौक पहुंचकर आंदोलन का आगाज करेंगे।

बैठक में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रभारी अनथन लकड़ा ने कहा कि आंदोलनकारी अपने बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे विनीत लकड़ा ने कहा कि झारखंड के मूल्यों और पहचान की रक्षा के लिए 15 नवंबर से आंदोलन तेज किया जाएगा।

बैठक में शीला कच्छप, हर्षनाथ साहू, अपर्णा बाडा, करुणा बाडा, हरि नाथ साहू, रंथु उरांव, मोतीलाल उरांव, एतवा मुंडा, अनिल पॉल, सुनीता एक्का, प्रवीणा, प्रभु नाथ मासी, हिरनाथ साहू, प्रवीण गुड़िया, मुकुल नायक, प्रशांत बैठा, फलिंदर मुंडा, सहदेव मुंडा और संजय पाहन सहित अन्य लोग मौजूद थे।