नोएडा में रेव पार्टी के आयोजन के आरोप में पकड़े गए पांच नाबालिगों को अंतरिम जमानत
-जेजेबी ने नाबालिगों पर पुलिस की ओर से लगाई गई कई धाराओं को हटाने का भी आदेश दिया
नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। नोएडा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने सेक्टर 94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी के फ्लैट में रेव पार्टी के आयोजन के आरोप में पकड़े गए पांच नाबालिगों को अंतरिम जमानत दे दी है। जेजेबी की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट आकृति और जुडिशियल मेंबर अरुण गुप्ता ने पांचों नाबालिगों को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जेजेबी ने नाबालिगों पर नोएडा पुलिस की ओर से लगाई गई कई धाराओं को हटाने का भी आदेश दिया है।
नोएडा जेजेबी ने नाबालिगों के किशोर घोषित होने की कार्यवाही और सामाजिक अन्वेषण होने तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जेजेबी ने इन नाबालिगों को उनके अभिभावकों को निर्देश दिया कि वे उनकी देखरेख करेंगे। जेजेबी ने कहा कि नाबालिगों के अभिभावक उनकी उचित शिक्षा और सलाह देने के अलावा आपराधिक गतिविधियों से दूर रखेंगे।
नोएडा पुलिस ने इन नाबालिगों को जेजेबी में पेश किया था। नोएडा पुलिस ने इन नाबालिगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 292, यूपी आबकारी कानून की धारा 60 और 63, तंबाकू नियंत्रण कानून की धारा 7, 8 और 22, एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 77 और 83, पॉक्सो एक्ट की धारा 21(1) और अनैतिक व्यापार रोकथाम कानून की धारा 3 और 5 के तहत आरोपित बनाया था।
जेजेबी ने पाया कि चिलम मिली थी लेकिन कोई भी मादक पदार्थ की बरामदगी नहीं हुई थी। उसके बाद जेजेबी ने नाबालिगों के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 21 और 22 हटाने का निर्देश दिया। जेजेबी ने पाया कि धारा नाबालिगों के खिलाफ किसी दूसरे बच्चे को मादक पदार्थ देने का कोई साक्ष्य नहीं है। उसके बाद जेजेबी ने नाबालिगों के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस कानून की धारा 77 को हटाने का निर्देश दिया। जेजेबी ने पाया कि जुवेनाइल जस्टिस कानून की धारा 83(2) बालिगों का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किए जाने से संबंधित है। जांच अधिकारी से पूछने पर वो ये नहीं बता सके कि इन बच्चों पर ये धारा कैसे लगी। जेजेबी ने जुवेनाइल जस्टिस कानून की धारा 83 को भी हटाने का आदेश दिया।
जेजेबी ने पाया कि नाबालिगों के खिलाफ पुलिस कहीं से ये नहीं बता पायी कि उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21(1) क्यों लगाई गई जबकि इस कानून में प्रावधान है कि कोई नाबालिग ये शिकायत करे कि उसके खिलाफ अपराध हुआ है। इस मामले में किसी नाबालिग ने कोई शिकायत नहीं की है। जेजेबी ने पाया कि नाबालिगों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निरोधक कानून की धारा 3 और 5 भी गलत तरीके से लगाया गया है। पेशी के दौरान जांच अधिकारी वेश्यावृत्ति का कोई सबूत नहीं दे सके। जेजेबी ने कहा कि अनैतिक व्यापार निरोधक कानून की धारा 3 और 5 का प्रावधान वेश्यालय के लिए है।
जेजेबी ने पाया कि नोएडा पुलिस ने मौके से 17 शराब की बोतलें और एक चिलम बरामद की थी। इसके अलावा तंबाकू का कोई उत्पाद बरामद नहीं किया गया था। जेजेबी ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण कानून की धारा 7, 8 और 22 सिगरेट और तंबाकू उत्पाद पर चेतावनी से जुड़ी होती है। ऐसे में सिगरेट के पैकेट और चिलम की बरामदगी इन आरोपों के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
जेजेबी ने कहा कि ये नाबालिग बच्चे कुछ पैसे देकर पार्टी में शामिल हुए थे और शराब पीकर हंगामा कर रहे थे। ऐसे में इन नाबालिगों के खिलाफ केवल भारतीय न्याय संहिता की धारा 292 और यूपी आबकारी कानून की धारा 60 और 63 ही बनता है।
हिन्दुस्थान समाचार /संजय