कौशाम्बी में अवैध खनन व गैंगस्टर श्रमिकों का मामला
-एसीएस होम, तत्कालीन डीएम व एसपी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए 30 सितम्बर को हाजिर होने का निर्देश
प्रयागराज, 24 सितम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौशाम्बी के अजय कुमार सरोज गैंग पर की गई कार्रवाई के मामले में अपर मुख्य सचिव गृह उप्र, आदेश पारित करने वाले तत्कालीन जिलाधिकारी व एसपी कौशाम्बी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए 30 सितम्बर को सुनवाई के समय हाजिर होने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने गैंगस्टर विनय कुमार गुप्ता की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्र व राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता पी के गिरी ने पक्ष रखा। कोर्ट ने 3 जुलाई के आदेश से एसडीएम मंझनपुर को याची की चल अचल सम्पत्ति का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया था।
याची के खिलाफ कौशाम्बी के करारी थाने में 2022 मे गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज है। जिसे चुनौती दी गई है। एसडीएम ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि अजय कुमार सरोज गैंग लीडर हैं और सह अभियुक्त राहुल, विनय कुमार गुप्ता, राजाराम केसरवानी गैंग सदस्य हैं।
जिलाधिकारी की अनुमति से जांच की गई। अजय कुमार सरोज बाकरगंज माजरा, गोराज का निवासी है। उसके नाम कोई चल अचल सम्पत्ति नहीं है। वह श्रमिक हैं। राहुल भी भूमिहीन पुणे महाराष्ट्र में श्रमिक हैं। विनय कुमार गुप्ता अपने भाई के घर में रहता है। उसके पास एक बाइक है। राजाराम केसरवानी के पास दो ट्रैक्टर व एक बाइक है।
इसके विरोध में कहा गया कि याची और पूरा गैंग अवैध खनन व ट्रांसपोर्टेशन में लगा है। अवैध खनन रोकने वाले एक अधिकारी की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इन पर शक किया गया है। इनका क्षेत्र में आतंक है।
इस पर कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता से कहा कि इस आदेश के साथ एसडीएम का हलफनामा, चार्जशीट व गैंग चार्ट एसीएस गृह, डीएम व एसपी कौशाम्बी को उपलब्ध कराया जाय ताकि वे आदेश का अनुपालन कर सके। यदि कार्य व्यस्तता के कारण उक्त तिथि पर एसीएस की प्रशासनिक व्यस्तता हो तो कोर्ट को तुरंत सूचित किया जाय ताकि जब सभी की उपलब्धता हो वही तिथि रखी जाय। याचिका की अगली सुनवाई 30 सितम्बर को होंगी।
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