लोक निर्माण विभाग कुम्भ मेला को 25 हजार रुपये मुआवजा देने का निर्देश

लोक निर्माण विभाग कुम्भ मेला को 25 हजार रुपये मुआवजा देने का निर्देश

-कुम्भ मेला के चौड़ीकरण में गिरायी थी बाउंड्री वाल

प्रयागराज, 26 सितम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पी डब्ल्यू डी कुम्भ मेला प्रयागराज को 25 हजार रुपये बतौर मुआवजा याची को भुगतान करने का निर्देश दिया है। अधिशासी अभियंता खंड 4 ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बिना अधिग्रहण याची की जमीन पर बनी चहारदीवारी ढहा दी थी।

यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने प्रयागराज की फूलपुर तहसील के गांव कोटवा के निवासी अभिषेक उपाध्याय व दो अन्य की याचिका पर दिया है।

याची का कहना था कि उसकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। इसके बावजूद कुम्भ मेले के लिए जमीन पर कब्जा कर लिया गया और उसके मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

अधिशासी अभियंता कुम्भ मेला ने बताया कि 4 अगस्त 22 के बैनामे के तहत याची का नाम प्लाट पर राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। पुराना चक था। कुम्भ के लिए सुंदरीकरण किया जा रहा है। क्योंकि चकबंदी नहीं हुई है, इसलिए कच्ची सड़क रिकॉर्ड पर दर्ज नहीं है। यह भी कहा कि दस मीटर चौड़ी 50 साल पुरानी सड़क है। जिसका सुंदरीकरण किया जा रहा है।

याची अधिवक्ता ने कहा कि पिछली चकबंदी में कोई सड़क दर्ज नहीं थी। वहां सड़क नहीं है। जबरन कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। याची से ऐसा करने की अनुमति नहीं ली गई और कच्चे मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जबकि राजस्व अभिलेखों में सड़क दर्ज नहीं है। कुम्भ कार्य के लिए ली गई जमीन का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। सरकार की तरफ से गलती मानी गई और कहा गया कि मुआवजा देंगे। याची ने कहा उसने बाउंड्री वॉल बनवा ली है। इस पर कोर्ट ने 25 हजार बतौर मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

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