खन्ना में स्कूल मालिक पर फायरिंग: अमेरिकी सुपारी, अमृतसर से हायर बदमाश, एक गिरफ्तार!

लुधियाना में खन्ना के गढ़ी नहर पुल पर 30 सितंबर को हुए फायरिंग के घटना की पुलिस ने गहनता से जांच की है। इस मामले में अमृतसर के अटारी निवासी प्रीतपाल सिंह गोरा को पकड़ लिया गया है, जबकि उसका एक अन्य साथी अब भी फरार है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन दोनों को अमेरिका से 2 लाख रुपए का लालच देकर इस हमले के लिए भेजा गया था। खन्ना के एसएसपी अश्विनी गोटियाल ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि घटना के तुरंत बाद विभिनं जांच समितियों ने कार्यवाही शुरू की। राज्य विशेष ऑपरेशन सेल, काउंटर इंटेलिजेंस, सीआईए लुधियाना और खन्ना पुलिस ने मिलकर प्रीतपाल को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके अन्य साथी की पहचान भी जल्द की जाने की संभावना है।

फायरिंग की घटना के समय फॉर्च्यूनर गाड़ी में मौजूद स्कूल मालिक बलदेव सिंह को गर्दन पर गोली लगी है। वे अपने स्कूल के काम से माछीवाड़ा साहिब से समराला जा रहे थे, जब गढ़ी पुल के पास एक आई-20 कार से उन पर फायरिंग की गई थी। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से भागने में सफल रहे हैं। गोली लगने के चलते बलदेव के मोबाइल ने उनकी जान बचाई, क्योंकि गोली पहले उनके मोबाइल पर लगी फिर उनकी गर्दन को छूती हुई निकली। इस गंभीर स्थिति के बाद बलदेव सिंह को समराला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के सिविल अस्पताल में रेफर किया गया।

पुलिस ने इस मामले में गहरी छानबीन की है और यह पता लगाने की कोशिश की है कि अमेरिका से किसने और क्यों इन दोनों युवकों को फायरिंग के लिए उकसाया। एसएसपी ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों के रिश्तों और उनके पीछे की साजिश के बारे में पता लगाया जा रहा है।

पुलिस की विवेचना अब भी जारी है, और बलदेव सिंह के हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले को बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा और सभी संबंधित लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पुलिस प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हो रही है।