पंजाब प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए आज (मंगलवार) बीस हजार स्कूलों में मेगा पेरेंट्स टीचर मीटिंग (PTM) का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सभी विधायक और मंत्री विद्यालयों में पहुंचे और छात्रों तथा उनके अभिभावकों से सीधा संवाद किया। इस बैठक का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और विकास के प्रति जागरूक करना था। सीएम भगवंत मान ने नंगल के सरकारी स्कूल पहुंचकर अभिभावकों को कुछ महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा कि बच्चों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की स्वेच्छा का सम्मान करें और उनकी प्रतिभा की सराहना करें।
सीएम मान ने यह भी स्पष्ट किया कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष गुण होता है जो भगवान की ओर से दिया गया है। यदि कोई बच्चा अच्छा लिखता है या खेल में अच्छा है, तो उसकी तुलना किसी दूसरे बच्चे से नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार अभिभावक स्वयं से ज्यादा उम्मीदें रखते हैं, जो बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालती हैं। उदाहरण के लिए, उन्होंने एलन मस्क की कंपनी का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को अपने चुने हुए क्षेत्र में इतना महारत हासिल करना चाहिए, ताकि उनके लिए कोई दूसरा विकल्प न हो।
इस बैठक के दौरान सीएम ने यह भी बताया कि उनकी सरकार टीचर्स को केवल पढ़ाई तक सीमित रखने की योजना बना रही है, जबकि अन्य कार्यों के लिए विशेष रूप से जिम्मेदार लोग नियुक्त किए जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने जानकारी दी कि स्कूलों में चल रही बस सेवाओं का लाभ 10,000 से अधिक छात्रों को मिल रहा है, जिनमें 7200 लड़कियां शामिल हैं। उनका कहना था कि बच्चों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बल्कि उन्हें सही माहौल और अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
बैठक का सुचारु संचालन और योगदान देने के लिए शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस और सांसद मालविदंर सिंह कंग भी वहां उपस्थित थे। इसी प्रकार, चंडीगढ़ में भी अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है ताकि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार किया जा सके। PTM की शुरुआत सुबह नौ बजे हुई, और यह काफी संगठित और उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। मंत्री बलजीत कौर ने मोहाली के सोहना स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भाग लेते हुए वहां मेले जैसा वातावरण देखा, जहां खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए गए थे।
कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने फिरोज़पुर के फेज-3 बी 2 स्कूल ऑफ एमिनेंस में पहुंचकर बच्चों और उनके अभिभावकों से मुलाकात की और स्कूल की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इसके अलावा, वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित अन्य मंत्रियों ने भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में PTM में भाग लिया। इस बैठक में अभिभावकों को उनके बच्चों की ताकत और खामियों के बारे में जानकारी दी गई और शिक्षक उनकी स्थानीय भाषा में संवाद कर रहे थे। शिक्षा विभाग ने इस आयोजन के माध्यम से अभिभावकों से फीडबैक लिया ताकि स्कूलों में दी जा रही सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
यह PTM केवल बच्चों की शिक्षाप्रणाली के सुधार तक ही सीमित नहीं रह गई, बल्कि यह अभिभावकों की मानसिकता और आकांक्षाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच भी बना।