नाबालिग लड़की को दादा के साथ हाई कोर्ट में पेश करने के निर्देश
नैनीताल, 22 अक्टूबर (हि.स.)। हाई कोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर नाबालिग लड़की काे उसके दादा-दादी की कथित अवैध हिरासत से मुक्त कराकर दादा के साथ काेर्ट में पेश करने के आदेश उत्तरकाशी पुलिस काे दिए हैं।
मंगलवार काे न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले पर सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उत्तरकाशी निवासी ज्योति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसका पति ड्रग्स और शराब का आदी है। उसकी साढ़े आठ वर्षीय नाबालिग बेटी की देखभाल करने के लिए पति मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है। लड़की के जन्म के समय उसके दादा और दादी ने बेटी होने पर असंतोष व्यक्त किया था और वे इसके लिए याचिकाकर्ता को लगातार मानसिक रूप से परेशान करते रहे। याचिका में उसने कहा कि उसकी साढ़े आठ वर्ष की नाबालिग लड़की को उसके दादा व दादी ने अवैध रूप से अपनी हिरासत में रखा हुआ है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि उसकी नाबालिक लड़की को उनकी हिरासत से मुक्त कराने के लिए एसएसपी उत्तरकाशी व एसएचओ उत्तरकाशी को निर्देश दिए जाएं। काेर्ट ने दाेनाें पक्षाें काे सुनने के बाद नाबालिग लड़की को उसके दादा के साथ 24 अक्टूबर को साढ़े दस बजे हाई कोर्ट में पेश करने के लिए उत्तरकाशी पुलिस काे निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने एसएसपी उत्तरकाशी से भी इस आदेश का अनुपालन कराना सुनिश्चित करने काे कहा है।
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