लुधियाना में हाल ही में आयोजित एक शो के दौरान प्रसिद्ध गायक कंवर ग्रेवाल ने पटाखे चलाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। इस कार्यक्रम में, उन्होंने विशेष रूप से दीवाली और गुरुपर्व के अवसर पर पटाखों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि इस फिजूलखर्ची से न केवल पैसा बर्बाद होता है, बल्कि यह भी कि इससे हमारे पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लोग सरकार को दोष देते हैं, लेकिन हमें खुद पर भी विचार करना चाहिए।
कंवर ग्रेवाल ने दर्शकों से कहा कि उनके प्रिय पवित्र पर्व बाबा नानक देव जी का जन्म दिवस मनाने के बावजूद लोग गैर-जिम्मेदाराना तरीके से पटाखे चलाने लगे। उन्होंने इस पर गहरी निराशा जताई कि इस तरह की परंपराएँ हमारे समाज में गंभीर समस्याएँ पैदा कर रही हैं। उनका कहना था कि पटाखों से उत्पन्न धुएँ के कारण न केवलं वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि इससे दमा और कैंसर जैसी बीमारियों की भी संभावना बढ़ रही है। उन्होंने लोगों की नजरें खोलते हुए बताया कि एक ओर हम धार्मिक शिक्षा लेकर सुबह उठते हैं और महानता का गुणगान करते हैं, वहीं दूसरी ओर हम अपने कार्यों से उसे नकारते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब की मिट्टी को ऐसे खतरनाक प्रदूषण से बचाने का समय आ गया है। कंवर ग्रेवाल ने साफ-साफ कहा कि यदि हमें अपने गुरुओं की धरती से प्रेम है, तो हमें उसके संरक्षण के लिए कदम उठाने होंगे। उन्होंने यह भी चेताया कि जैसे-जैसे त्योहार नज़दीक आ रहे हैं, जैसे क्रिसमिस, हमें सावधान रहना चाहिए, क्योंकि फिर से लोग पटाखे जलाकर वातावरण को दूषित करेंगे। यह सही नहीं है कि केवल एक दिन के जश्न के लिए हम अपने चारों ओर के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित करें।
कुल मिलाकर, कंवर ग्रेवाल ने लोगों से अनुरोध किया कि वे अपनी परंपराओं पर सवाल उठाए और सोचें कि क्या पटाखों का उपयोग करना हमारी संस्कृति के लिए सही है या नहीं। उन्होंने कहा कि हमें व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से यह समझना होगा कि प्रदूषण और आर्थिक बर्बादी का यह चक्र तभी टूटेगा जब हम अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और सही रास्ता अपनाएंगे। इसका समाधान केवल सरकारी नीतियों में बदलाव नहीं, बल्कि हमारे अपने व्यवहार में सुधार में है।
इसलिए, कंवर ग्रेवाल ने सभी से अपील की कि वे अपने कार्यों के प्रति जागरूक रहें और सच्चे धार्मिक जश्न मनाने का प्रयास करें, जिसमें प्रकृति का भी ध्यान रखा जाए।